गंगा नदी में प्रदूषण बढ़ने की एक वजह काली नदी भी है। पिछले काफी समय से इस नदी के जरिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश की अधिकांश चीनी मिलों, शराब बनाने वाली फैक्ट्रियों और दूसरी औद्योगिक इकाइयों का कचरा गंगा में समा रहा है।
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काली नदी फर्रुखाबाद और कन्नौज के पास गंगा में मिलती है। काली में प्रदूषण की स्थिति जांचने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) की टीम सप्ताह के आखिरी दिनों में कन्नौज और फर्रुखाबाद आएगी।
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कुछ महीने पहले काली नदी में इतनी अधिक मात्रा में प्रदूषित पानी आ गया था कि उसकी वजह से गंगा का पानी भी काला पड़ गया था। पहले बिठूर उसके बाद गंगा बैराज होते हुए काली नदी का काला पानी पूरी गंगा में फैल गया। उस समय गंगा के पानी में आक्सीजन की भारी कमी भी हो गई थी। तब से लेकर काली नदी में प्रदूषण की स्थिति बढ़ती ही गई है। पहली बार बोर्ड ने इस नदी की जांच करने की योजना बनाई है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अधिकारी कुलदीप मिश्रा ने बताया सीपीसीबी की तरफ से एक पत्र काली नदी की जांच के लिए सोमवार की शाम आया। जिसमें काली नदी की वजह से गंगा में फैल रहे प्रदूषण का जिक्र किया गया है। उन्होेंने बताया कि टीम कन्नौज और फर्रुखाबाद के आसपास ही नदी की जांच करेगी।