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लॉकर डकैती मामला: सेंट्रल बैंक के पीड़ितों को राहत, मुआवजा मिलते ही खिलखिला उठे चेहरे

Wed, 27 Apr 2022 01:05 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना के 11 लॉकरों से गहने चोरी होने के मामले में ग्राहकों को बड़ी राहत मिली है। बैंक ने दस  लॉकर पीड़ितों को 2.47 करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। वहीं, एक पीड़िता को आज ड्राफ्ट दिया जाएगा।
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बैंक के अधिकारियों से ड्राफ्ट प्राप्त करते पीड़ित - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया कराचीखाना शाखा के लॉकरों से चोरी हुए गहनों के मामले में दस पीड़ितों को मंगलवार को पांडु नगर स्थित बैंक कार्यालय में ड्राफ्ट सौंपा गया। एक पीड़िता सीता गुप्ता किसी कारणवश पहुंच नहीं पाईं। इस वजह से उन्हें आज ड्राफ्ट दिया जाएगा। रीजनल मैनेजर दयानंद पांडेय ने बताया कि पीड़ितों को कुल दो करोड़ 47 लाख 50 हजार का मुआवजा दिया गया।

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पहली बार है जब, इस तरह के मामले में मुआवजा दिया गया। ग्राहकों ने कुल 3.71 करोड़ रुपये का क्लेम किया था। सोमवार को लखनऊ में हुई बैठक में बैंक के उच्च अधिकारियों ने 75 फीसदी मुआवजा देने का एलान किया। इसके बाद पीड़ित परिजन मंगलवार सुबह बैंक कार्यालय पहुंचे। शपथपत्र आदि तैयार कराने के बाद शाम को 10 लॉकर पीड़ितों को ड्राफ्ट दिया गया। इस मौके पर न्याय संघर्ष समिति के मुख्य संयोजक सिद्धार्थ काशीवार, संयोजक अभिमन्यु गुप्ता, पवन गुप्ता, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के महामंत्री विनोद गुप्ता आदि उपस्थित रहे।

इनको दिया गया बैंक ड्राफ्ट
मंजू भट्टाचार्या को 25 लाख, शकुंतला देवी को 25 लाख, पंकज गुप्ता को 25 लाख, मीना यादव को 50 लाख, निर्मला तहिलियानी को 25 लाख, वैभव महेश्वरी को 20 लाख, महेंद्र सविता को दो लाख, सुशीला देवी को 25 लाख, राजा बेटी गुप्ता को 25 लाख, अमिता गुप्ता को 25 लाख का ड्राफ्ट दिया गया। समिति के पदाधिकारियों ने रीजनल मैनेजर को सम्मानित भी किया।
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49 सालों से लॉकर में गहने रखे थे। गायब होने के बाद तो रात की नींद उड़ गई थी। बीपी बढ़ गया था। बैंक ने 25 लाख बैंक ड्राफ्ट दिया तो राहत की सांस मिली। - शकुंतला देवी, रानी घाट
 
25 वर्षों से बैंक के लॉकर में गहने रखे थे। कुछ गहने पुराने थे और कुछ गहने दो वर्ष पहले बनवाए थे। गहने चोरी होने के बाद खाना तक अच्छा नहीं लग रहा था। बैंक ने 50 लाख का ड्राफ्ट सौंपा। - मीना यादव, लाल बंगला
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