कानपुर। मोतीझील स्थित लाजपत भवन में स्वामी विवेकानंद की जयंती पर आयोजित युग चेतना कार्यक्रम में युवाओं को डीप फेक और डिजिटल ठगी के खतरों के प्रति जागरूक किया गया। आगरा से आए साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ रक्षित टंडन ने मंच पर विराट कोहली और प्रियंका चोपड़ा के डीप फेक वीडियो और नकली आवाज वाले वीडियो चलाकर उदाहरण दिया। उन्होंने बताया कि आज के साइबर अपराधी तकनीक से नहीं, बल्कि भरोसे और भावनाओं से खेल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेलिब्रिटी या सरकारी संस्थाएं कभी व्हाट्सएप कॉल या वीडियो के जरिये पैसे नहीं मांगतीं। उन्होंने युवाओं को ऐसे वीडियो का हमेशा सत्यापन करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में करीब नौ हजार युवाओं ने साइबर अपराध, डिजिटल अरेस्ट और ऑनलाइन ठगी के खिलाफ सजग रहने और नशे से दूर रहने की सामूहिक शपथ ली। मुख्य अतिथि कानपुर जोन के एडीजी आलोक सिंह ने कहा कि जागरूकता ही साइबर अपराध से सबसे बड़ा बचाव है। किसी भी ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 पर सूचना देने से पूरा सिस्टम सक्रिय हो जाता है। एडीजी ने डिजिटल अरेस्ट जैसे नए फ्रॉड से सतर्क रहने और परिवार व समाज को भी जागरूक करने की अपील की। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने युवाओं से कहा कि वे किसी भी वीडियो, कॉल या मैसेज पर आंख मूंदकर भरोसा न करें और पहले उसकी सत्यता जांचें।
कार्यक्रम में आवाज संस्था और पुलिस कमिश्नरेट की ओर नशा मुक्ति और साइबर अपराध पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत कर लोगों को जागरूक किया गया। मंच संचालन प्रतीक त्रिवेदी ने किया। कार्यक्रम में डीआईजी हरीश चंदर, कानपुर देहात की पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडेय, आईपीएस सुमित रामटेके, सांसद देवेंद्र सिंह भोले, आरएसएस के प्रांत प्रचारक श्रीराम, पूर्व पार्षद सौरभ तिवारी समेत पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।