राजपुर (कानपुर देहात)। मुकद्दस रमजान में चारों ओर इबादतों में लोग मशगूल हैं। इसी के साथ मस्जिदों में कुरान मुकम्मल होने का सिलसिला भी जारी है। शनिवार को सिकंदरा कस्बे की खजूर वाली मस्जिद में तरावीह (कुरान का पाठ) मुकम्मल होने पर जश्ने कुरान का आयोजन किया गया। कुरान सुनाने वाले हाफिजों को तोहफे देकर हौसला बढ़ाया गया। इस मौके पर मस्जिद में विशेष सजावट की गई।
उलेमाओं ने तकरीर में कुरान की अजमत और माह-ए-रमजान की फजीलत बयां की। नमाज-तरावीह में हाफिज मुजीब ने 15वें रमजान में तरावीह सुनाकर कुरान मुकम्मल किया। इसके बाद दुआ की गई। इस दौरान हुए जलसे को खिताब करते हुए मौलाना आदिल ने कुरान की फजीलत बयान की। उन्होंने कहा कि कुरान मजीद अल्लाह की भेजी ऐसी किताब है जो हाफिजों के सीने में रोज-ए-कयामत तक महफूज रहेगी। मौलाना जाहिदुर्रहमान ने कहा कि रमजान में ज्यादा से ज्यादा वक्त अल्लाह की इबादत में गुजारें। झूठ, फरेब, चुगलखोरी और दूसरी तमाम बुराइयों से परहेज करें।
बताया कि हदीस में है कि जो शख्स रोजे की हालत में झूठ बोलने और गलत काम करने से परहेज न करे। परवरदिगार को उसके भूखा प्यासा रहने की कोई जरूरत नहीं। फरमाया कि इन सभी बातों पर अमल न करने वाले बहुत से रोजेदार ऐसे होंगे जिनको भूख-प्यास के सिवा कुछ हासिल नहीं होगा। इसके बाद तरावीह सुनाने वाले हाफिज मुजीब रजा, हाफिज नवाजिश को मस्जिद कमेटी की जानिब से नजराना पेश कर सम्मानित किया गया। इस मौके पर मस्जिद के मुतवल्ली अब्दुल लतीफ, निशात अनवर, सभासद मेहराज अंसारी, सहीम अंसारी, मौलाना कौसर, मौलाना जमाल, मौलाना शाहिद, हाफिज सोहिल, हाफिज जिलानी, हाफिज अरशद मौजूद रहे।