तुलसी के पाैधे वितरित करते लोग।
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कानपुर। ईद-ए-गदीर के मौके पर जश्न-ए-विलायत मौला अली मनाया गया। इस मौके पर एक पेड़ गदीर के नाम संदेश दिया गया। लोगों को तुलसी के पौधे बांटे गए। अलग-अलग आयोजित कार्यक्रमों में बताया कि हज से लौटते वक्त पैगंबर इस्लाम ने गदीर-ए-खुम के मैदान में दीन मुकम्मल होने की घोषणा की और कहा कि जिस का मौला मैं हूं, उसका मौला अली हैं। इस वाक्या को ईद-ए-गदीर के रूप में मनाया जाता है।
ऑल इंडिया शिया युवा यूनिट की तरफ से ईद-ए-गदीर के मौके पर जूही डिपो चौराहे पर शरबत, ठंडा पानी और मिठाई की सबील लगाई गई। इसके साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए पौधरोपण को बढ़ावा देने के लिए तुलसी के पौधे वितरित किए गए। इस दौरान पेड़ लगाओ-जिंदगी बचाव, एक पेड़ गदीर के नाम का पैग़ाम दिया गया।
मौलाना अलमदार हुसैन ने ईद-ए-गदीर के बारे में बताया। कार्यक्रम में कमेटी के चेयरमैन शहाब रिजवी, अध्यक्ष दानिश रिजवी, नायाब आलम, सआदत रिज़वी, नजर अब्बास, राशिद अली, अली हुसैन आदि मौजूद रहे। वहीं, कर्नलगंज ऊंची सड़क स्थित खानकाहे हुसैनी में जश्न ताज-ए-विलायत मौला अली मनाया गया। शायरों ने नात और मनकबत पेश की। शरबत वितरण किया गया। इस मौके पर खादिम खानकाह इखलाक अहमद डेविड चिश्ती, अफजाल अहमद, जमालुद्दीन फारुकी, हाजी गौस रब्बानी, परवेज आलम वारसी, मो. शाहिद चिश्ती, अबरार अहमद वारसी, मो. हफीज, मो. जावेद, शारिक वारसी, एजाज अहमद आदि मौजूद रहे।