लखनऊ में पीएफआई कमांडर और उसके साथी की गिरफ्तारी के बाद कानुपर में पहले पकड़े गए इस संगठन के लोगों की निगरानी बढ़ा दी गई है। पुलिस ने फिर आरोपियों की सीडीआर निकलवाई है जिससे यह पता चल सके कि वर्तमान में वे लोग कहां सक्रिय हैं।
सीएए व एनआरसी के विरोध में हुई हिंसक घटनाओं के बाद पुलिस ने चमनगंज, कुलीबाजार और बाबूपुरवा से पांच लोगों को गिरफ्तार किया था। ये लोग पीएफआई से जुड़े दिल्ली के लोगों से संपर्क में थे।
कोर्ट से सभी को जमानत मिल गई है, लेकिन लखनऊ में कमांडर बदरूद्दीन और फिरोज की गिरफ्तारी के बाद एक बार फिर यह पांचों आरोपी पुलिस की रडार पर हैं। उन इलाकों में एलआईयू के अलावा अन्य एजेंसियों भी सक्रिय किया गया है। आईजी मोहित अग्रवाल ने बताया कि पीएफआई को लेकर शहर और आस पास के जिलों को सक्रिय किया गया है।