99.2 प्रतिशत अंकों के साथ सीबीएसई दसवीं की परीक्षा में जिला टॉप करने वाली देवांशी पांडेय के परिजनों खासकर मां की खुशी का ठिकाना नहीं है। देवांशी इस सफलता से खुश है और आने वाली चुनौतियां के लिए तैयार भी। उसका लक्ष्य स्पष्ट है। वह आगे चलकर डाक्टर बनकर दिवंगत पिता के सपनों को साकार करना चाहती है।
महर्षि विद्या मंदिर सीनियर सेकंडरी स्कूल की मेधावी देवांशी पांडेय के पिता परिषदीय शिक्षक डॉ. संजय पांडेय का दो दिसंबर 2016 को हार्टअटैक से निधन हो गया था। इसके बाद ही देवांशी ने डाक्टर बनकर ऐसे रोगियों की जान बचाने का संकल्प लिया था जिनकी सही इलाज के अभाव में असमय मौत हो जाती है।
परिषदीय विद्यालय की शिक्षक मां रानी देवी उनको इसके लिए लगातार प्रेरित कर रहीं हैं। छोटा भाई ईशांत कुमार पांडेय टूथ मिशन स्कूल में छठवीं का छात्र है। देवांशी का कहना है कि डाक्टर दूसरे का दर्द समझने के साथ उसका निवारण भी करता है। उसकी भी इच्छा आगे चलकर ऐसा करने की है। आगे की पढ़ाई इसी स्कूल में जारी रखते हुए 12वीं में भी टॉप करने का लक्ष्य है। इस सफलता का श्रेय वे गुरुजनों के साथ मां को भी देती हैं।