भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर और उनके भाई व उनके गुर्गों के खिलाफ किशोरी से दुष्कर्म और किशोरी के पिता की हत्या की जांच कर रही सीबीआई ने बुधवार को अपनी स्टेटस रिपोर्ट उच्च न्यायालय इलाहाबाद में पेश की। उधर किशोरी की मां ने अपने वकील के माध्यम से उन बिंदुओं को न्यायालय के सामने रखा, जिन्हें सीबीआई ने नजर अंदाज किया है।
न्यायालय के कड़े रुख के बाद अब सीबीआई पर जमानत पर छूटे किशोरी से दुष्कर्म के दो आरोपियों की गिरफ्तारी, किशोरी के पिता (अब मृतक) पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाले लापता चल रहे किशोरी के चाचा की तलाश और विधायक के सहयोगियों की गिरफ्तारी का दबाव बढ़ा है। आने वाले दिनों में विधायक को लखनऊ या किसी अन्य जिले की जेल में शिफ्ट किया जा सकता है।
किशोरी के पिता व चाचा पर रिपोर्ट दर्ज कराने वाले विधायक के नजदीकियों पर भी सीबीआई शिकंजा कसने की तैयारी में है। इसकी भनक लगते ही षडयंत्र में शामिल रहे लोग भूमिगत हो गए हैं। षडयंत्र के आरोपियों में पुलिसकर्मियों के साथ ही ब्लाक प्रमुख का नाम भी शामिल है।
विधायक सेंगर प्रकरण
- फोटो : अमर उजाला
मालूम हो कि किशोरी की मां ने तीन अप्रैल को उसके पति (किशोरी के पिता) के साथ हुई मारपीट करने वालों में विधायक के भाई अतुल सिंह के अलावा बउवा, सोनू, शैलू और विनीत शामिल बताया। जबकि सुलह का दबाव न मानने पर मारपीट का का षडयंत्र रचने में विधायक कुलदीप सेंगर, माखी थानाध्यक्ष व थाने के पुलिस कर्मियों के अलावा विधायक के नजदीकी विनोद मिश्रा, नवाबगंज ब्लाक प्रमुख अरुण सिंह, संतोष मिश्रा व राजकुमार सिंह भी शामिल रहे। इनमें अतुल व उसके चार साथी जेल में हैं।
षडयंत्रकारियों में शामिल अन्य लोगों के खिलाफ भी जांच शुरू हो गई है। उच्च न्यायालय की सख्ती के बाद सीबीआई की तेजी बढ़ते देख किशोरी के पिता की हत्या में सह आरोपी बनाए गए सभी लोग भूमिगत हो गए हैं।
किशोरी के पिता पर मारपीट व आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराने वाला युवक (किशोरी का चचेरा चाचा) नौ अप्रैल से लापता है। उच्च न्यायालय ने सीबीआई को उसका पता लगाने को कहा है।
विधायक सेंगर प्रकरण
माखी थाना क्षेत्र निवासी टिंकू सिंह पुत्र जंग बहादुर सिंह ने तीन अप्रैल को किशोरी के पिता (अब मृतक) के खिलाफ मारपीट और आर्म्स एक्ट का मुकदमा दर्ज कराया था। न्यायिक हिरासत में मुकदमे के आरोपी (किशोरी के पिता) की नौ अप्रैल को जिला अस्पताल में इलाज के दौैरान मौत हो गई थी।
इसके बाद मामला तूल पकड़ा और सीबीआई की जांच तक पहुंचा। टिंकू सिंह के भाई ने माखी थाने में तहरीर देकर टिंकू सिंह की गुमशुदगी भी दर्ज कराई थी, लेकिन अभी तक उसका पता नहीं चला। भाई भूपेंद्र सिंह के मुताबिक नौ अप्रैल सुबह करीब दस बजे उसका भाई घर से निकला था। इसके बाद से वापस नहीं आया। उसका मोबाइल फोन भी बंद है।
आरोपी विधायक कुलदीप सेंगर को उन्नाव जेल में रखे जाने पर पीड़िता व उसकी मां ने एक बार फिर सवाल उठाया है। उसने कहा कि विधायक जेल में नहीं बल्कि घर में है। न्यायालय में दिए गए प्रार्थनापत्र में बताया गया है कि जेल परिसर से विधायक के घर की दूरी बमुश्किल चार सौ मीटर है।
विधायक सेंगर प्रकरण
जेल में खाद्यान्न आपूर्ति करने वाला विधायक का रिश्तेदार है। आरोप तो यह भी है कि जेल अधीक्षक विधायक के रिश्तेदारी में आते हैं। उसके पति की हत्या इसी जेल में रहते की जा चुकी है। ऐसे में उसके परिवार पर भी जान का खतरा है। मृतक की पत्नी (किशोरी की मां) ने विधायक को किसी अन्य जिले की जेल भेजने की मांग की थी। उच्च न्यायालय ने बुधवार को सीबीआई से विधायक को लखनऊ जेल में शिफ्ट करने को कहा है।
जेल में बंद भाजपा विधायक कुलदीप सेंगर से गुपचुप तरीके से रोज तमाम लोगों की मुलाकात कराने के आरोपों के बाद जेल अधिकारियों ने मुलाकात की आनलाइन प्रक्रिया को और सख्ती से लागू कर दिया है। मुलाकात करने वाले को नियमानुसार अपना पहचान पत्र, कैमरे से उसकी आनलाइन फोटो और निर्धारित प्रारूप पर आनलाइन डेटा दर्ज होंगे।
इसके बाद ही विधायक या किसी अन्य बंदी से मुलाकात कराई गई। बुधवार को किसी ने भी विधायक से मुलकात नहीं की। जेल अधीक्षक एके सिंह ने बताया कि पहले भी आनलाइन व्यवस्था चल रही थी। गुपचुप तरीके से किसी भी व्यक्ति की विधायक से मुलाकात कराने का आरोप गलत है।