बैंक का आरोप है कि विनय पालीमर्स के निदेशकों गायत्री देवी कनौडिया, विनय कनौडिया, चंद्र नारायण मालवीय और एमडी बृजेश कनौडिया ने बैंक की 22.65 करोड़ की रकम फर्जी दस्तावेजों के जरिये हड़प ली। कंपनी के खाते लगातार एनपीए होते गए जबकि कंपनी दूसरी जगह अपना काम बढ़ाती रही।
विनय पालीमर्स और प्रीमियर इस्पात कंपनियों के बैंक फ्रॉड के मामलों में कारोबारियों से पूछताछ के लिए सीबीआई के अफसर सोमवार को कानपुर पहुंचे। दोनों के प्रबंध निदेशकों को नोटिस जारी कर शहर के एक होटल में तलब किया गया। बैंक से संबंधित दस्तावेज जुटाए गए।
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सीबीआई अफसर मंगलवार को भी जांच और पूछताछ करेंगे। बैंक ऑफ बड़ौदा के सहायक महाप्रबंधक पीके साहू ने करीब तीन महीना पहले बिरहाना रोड स्थित कंपनी विनय पालीमर्स के खिलाफ सीबीआई में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बैंक का आरोप है कि विनय पालीमर्स के निदेशकों गायत्री देवी कनौडिया, विनय कनौडिया, चंद्र नारायण मालवीय और एमडी बृजेश कनौडिया ने बैंक की 22.65 करोड़ की रकम फर्जी दस्तावेजों के जरिये हड़प ली।
कंपनी के खाते लगातार एनपीए होते गए जबकि कंपनी दूसरी जगह अपना काम बढ़ाती रही। लोन की रकम अन्य कार्यों में इस्तेमाल की गई। कंपनी के कई काम सिर्फ दस्तावेजों में दर्ज थे, जबकि हकीकत में उससे जुड़ा काम नहीं किया जा रहा था।
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बैंक से लोन की लिमिट बढ़वाने के लिए माल परिवहन के फर्जी बिल लगाए गए। कंपनी की कारपोरेट गारंटर सिमोन प्लास्ट प्राइवेट लिमिटेड भी फ्रॉड में शामिल है। सोमवार को सीबीआई ने निदेशकों और एमडी को शहर के एक होटल में तलब किया। बताते हैं कि कंपनी की ओर से मंगलवार को आने को कहा गया है।
दूसरा मामला प्रीमियर इस्पात के जैन बंधुओं से जुड़ा है। इन पर भी करीब 25 करोड़ रुपये के फ्रॉड का आरोप है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी ने लोन की रकम का इस्तेमाल अन्य कामों में किया। बैंक में फर्जी बिल लगाए गए। इन पर भी वर्ष 2021 की शुरुआत में एफआईआर दर्ज हुई थी।