फतेहपुर। सीबीआई टीम द्वारा गुरुवार को खनन कार्यालय में तीन घंटे तक खनन से संबंधित पुरानी पत्रावली छानने के बाद बांदा के एक मौरंग सिंडीकेट का नाम सामने आया। सीबीआई टीम के सवालों के सामने तत्कालीन चार लिपिकों ने पसीना छोड़ दिया। इससे पहले दो पट्टाधारकों से पीडब्ल्यूडी के डाक बंगले में अलग-अलग पूछताछ की।
दिल्ली से आई निरीक्षक सुनील कुमार के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम सुबह नौ बजे से हरकत में आ गई। गुरुवार की जांच दो पट्टेधारक शिवसिंह और सुखराज निषाद से पूछताछ से प्रारंभ हुई। टीम के सदस्यों ने कमरे में इनसे अलग-अलग पूछताछ की। पूछताछ के घंटों बाद बाहर निकले पट्टेधारक कक्ष के बाहर पसीना पोछते निकले। कैमरे के सामने आने से भी परहेज किया। तीन घंटे की पूछताछ के बाद टीम ने एक घंटे विश्राम किया और इसके बाद दोपहर दो बजे खनन कार्यालय पहुंचे। सपा सरकार के कार्यकाल 2012 से 2014 तक की खनन से बंधित पत्रावलियां निकालने को कहा। इनका विधिवत निरीक्षण किया। इसके बाद खनन में काटी गई रायल्टी रसीदों से ट्रक नंबरों की छंटनी कराई। बाद में तत्कालीन चार लिपिकों को बुलवाकर उनसे अलग-अलग खनन के संबंधित लंबी पूछताछ की। शुक्रवार को टीम बांदा के कारोबारी और उनके सहयोगियों के पूछताछ कर सकती है।