उत्तर प्रदेश के बांदा में करीब पचास बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित अवर अभियंता रामभवन की न्यायिक हिरासत चार जनवरी तक बढ़ा दी गई है। अधिवक्ता के निधन के चलते कार्य प्रभावित होने से पॉक्सो एक्ट की अदालत ने सुनवाई तिथि बढ़ाई।
उधर, सीबीआई ने आरोपी जेई की ब्लड जांच के लिए अदालत में एक और अर्जी दी, जिस पर भी सुनवाई चार जनवरी को होगी। सीबीआई के तीन सदस्यीय टीम सोमवार को पॉक्सो कोर्ट पहुंचे। पंचम एडीजे/पॉक्सो एक्ट न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद के समक्ष प्रार्थना पत्र देकर बच्चों के यौन उत्पीड़न के आरोपी जेई रामभवन के ब्लड सैंपल की जांच की याचना की, लेकिन अधिवक्ता के निधन से शोक घोषित होने पर अदालत में सुनवाई नहीं हो सकी।
जेई को ले जाती सीबीआई की टीम
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न्यायाधीश ने सुनवाई के लिए अगली तारीख 4 जनवरी तय की है। एडीजीसी मनोज दीक्षित ने बताया कि सीबीआई की इस नई अर्जी सहित पूर्व में दिए गए मानसिक और अन्य शारीरिक जांच संबंधी प्रार्थनापत्रों पर भी सुनवाई अगली तारीख में होगी। सीबीआई के अधिवक्ता अशोक सिंह सुबह से अदालत में डटे रहे। सुनवाई की तिथि बढ़ने के बाद सीबीआई टीम चित्रकूट वापस लौट गई। उधर, कानूनविदों के मुताबिक, आरोपी जेई के ब्लड सैंपल जांचों में पॉक्सो एक्ट की धारा के तहत डीएनए समेत कई बीमारियों से जुड़ीं जांचें शामिल हो सकती हैं।
एक बालक को साथ लाई थी सीबीआई
सीबीआई टीम एक पांच वर्षीय बालक और उसके अभिभावक को भी कोर्ट लाई थी। पूरे समय बच्चे और उसके अभिभावक को एक लग्जरी वाहन में रखा गया। बालक और अभिभावकों को बाहर नहीं निकलने दिया। न ही किसी से कोई बातचीत करने दी गई। सुनवाई तिथि बढ़ने के बाद शाम 4 बजे सीबीआई टीम बच्चे को लेकर चित्रकूट लौट गई।
कचहरी पहुंची सीबीआई टीम
बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न में जेल में बंद निलंबित जेई मामले की जांच कर रही सीबीआई टीम सोमवार को कचहरी परिसर पहुंची। सीबीआई के दो अफसरों ने बांदा में जेई की अदालत में पेशी के बाद चित्रकूट कचहरी में कई वकीलों से रायमशविरा किया। सीबीआई टीम ने जेई रामभवन की मनोवैज्ञानिक व अन्य परीक्षण के लिए ब्लड सैंपल लेने की बात कही है।