फतेहपुर में सपा शासन काल में अवैध और मानक विहीन खनन पट्टों की पत्रावलियों की जांच में सीबीआई ने जिला खनन अधिकारी को तीन दिन तक उलझाए रखा। पूछताछ के बाद गुरुवार की शाम खनन अधिकारी को दिल्ली से लौटने की अनुमति दी गई।
उसके साथ ही सीबीआई दिल्ली ने फिर से जिले में आने के संकेत दिए हैं। सपा सरकार में 2012 से 2016 के बीच जिले में अवैध खनन किया गया था। मानकों को ताक पर रखकर मौरंग खनन के पट्टे किए गए थे। प्रकरण में तत्कालीन डीएम अभय, पट्टाधारकों सुखराज निषाद और शिवकुमार पर सीबीआई ने हाल के दिनों में एफआईआर दर्ज कराई थी।
दिल्ली सीबीआई ने खनन अधिकारी मिथिलेश पांडेय को खनन प्रकरण के दस्तावेजों के साथ तलब किया था। उनसे तीन दिन की लंबी पूछताछ हुई है। उन्हें सीबीआई ने गुरुवार की फतेहपुर लौटने की इजाजत दी। टीम खनन के बारे में तमाम जानकारियां जुटाई हैं।
सूत्रों के अनुसार सीबीआई ने खनन अधिकारी को दोबारा जिले में आने के संकेत दिए हैं। माना जा रहा है कि 15 अगस्त के बाद सीबीआई एक बार फिर दस्तक देगी। इस मर्तबा भी पट्टेधारकों से पूछताछ हो सकती है। दरअसल सीबीआई की पहले की टीमों में बदलाव आया है। नई टीम एक-एक दस्तावेज खंगालने में जुटी है।