बुंदेलखंड में अवैध खनन से करोड़ों रुपये कमा चुके मौरंग माफिया अब सीबीआई के डर से भी छुपे-छुपे घूम रहे हैं। सीबीआई ने हमीरपुर जिले के पुलिस अधीक्षक से ये साफ तौर पर कह दिया है कि या तो माफिया को पकड़ें या उसका डेथ सर्टिफिकेट सौंपे। इसके अलावा केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो ने 10 साल के दौरान हमीरपुर में तैनात रहे अधिकारियों और थानेदारों की सूची भी तलब की है। अवैध खनन में मूकदर्शक बने रहे अधिकारियों की जांच ईडी को सौंपने की तैयारी भी की जा रही है। जिससे हड़कंप मचा हुआ है।
इसके अलावा जांच टीम ने मंगलवार को बसपा नेता संजय दीक्षित से भी ढाई घंटे पूछताछ की। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष संजय सदर विधानसभा सीट पर बसपा से चुनाव लड़ चुके हैं। मौरंग खनन के साथ सिंडीकेट में संजय दीक्षित का नाम आया था, इसीलिए सीबीआई ने उनकी प्रापर्टी के बारे में जानकारी ली है। सीबीआई ने मोराकांदर प्रधान प्रमोद द्विवेदी और उसके भाई मनीष द्विवेदी को भी तलब किया। साथ ही घुरौली मौरंग खदान में काम करते रहे मुनीम से भी पूछताछ की। बड़ेरा खालसा में खदान के मुनीम छेदालाल निवासी कजियाना को सीबीआई ने तलब किया तो पता चला उसकी मौत हो चुकी है। इस पर मुनीम की ओर से जारी खदान के लेखाजोखा की तस्दीक के लिए छेदालाल के पुत्रों कुलदीप व दिलीप को तलब किया। इन्हीं दोनों से सीबीआई ने पिता की हैंडराइटिंग पहचनवाई। एक दूसरे मौरंग माफिया का मुनीम विनीत पालीवाल पिछले महीने आत्महत्या कर चुका है।दूसरी ओर अवैध खनन पर जनहित याचिका दायर करने वाले विजय द्विवेदी एडवोकेट ने सीबीआई के समक्ष बेतवा नदी पर कुरारा और सरीला के इछौरा जिटकरी क्षेत्र में हुए अवैध खनन की सीडी पेश की। अवैध खनन का अन्य ब्योरा भी दिया।
जालौन में खनन टीम पर हमले का प्रयास
मदारीपुर(जालौन) के खनन अधिकारी मंगलवार को कुठौंद में थाने के सामने अपनी टीम के साथ गाड़ियों की चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच एक ट्रक को रोकने पर पीछे से आए लोगों ने अपनी स्कार्पियो गाड़ी आगे लगा दी। उन्हें हमलावर होते देख थाने की फोर्स असलहे लेकर बाहर निकल पड़ी। यह देख वे स्कार्पियो में बैठ कर भाग गए। इस बीच वह ट्रक भी निकल गया, जिसे चेकिंग के लिए रोका गया था। इस बाबत खनिज अधिकारी ने कहा कि हमले जैसी कोई बात नहीं है। चेकिंग जारी रहेगी।