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आवारा जानवरों की बढ़ती संख्या से किसान ही नहीं अब आम नागरिक प्रभावित, 'कोस रहे सरकार को'

Fri, 11 Jan 2019 03:41 PM IST
gaurav gaurav यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी में आवारा जानवरों की वजह से किसानों से लेकर अब नागरिक भी परेशान होने लगे हैं। शुक्रवार को अलग-अलग जिलों में आवारा जानवरों को स्कूलों में बंद किया गया। दूसरी ओर हमीरपुर जिले में किसी ने 80 से ज्यादा मवेशियों को एक घर में बंद करके आग लगा दी। औरैया जिले के अजीतमल क्षेत्र के गांव रसूलपुर कला में ग्रामीणोें ने स्कूल में आवारा जानवरों को बंद कर दिया। जानवरों को छुड़ाने के लिए मौके पर पुलिस और प्रशासन के लोग पहुंचे।


 
 
 
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कन्नौज जिले के चांदापुर गांव, हसेरन के भदौरियनपुरवा, गुगरापुर के स्कूलों में ग्रामीणों ने आवारा जानवरों को बंद कर दिया। जानवरों की संख्या 300 के ऊपर थी। चित्रकूट जिले के राजापुर क्षेत्र के भदेदूं गांव के किसानों ने अन्ना मवेशियों से फल को बचाने के लिए सैकड़ों मवेशियों को प्राथमिक विद्यालय परिसर में बंद कर दिया। ग्रामीणोें का कहना है कि सरकार आवारा जानवरों से फसलों को बचाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। हर दिन आवारा जानवरों की संख्या बढ़ती जा रही है। यही हालात रहे तो जानवर घरों में घुस जाएंगे। 
 
 
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कानपुर के पतारा में प्रशासन की सख्ती के बावजूद ग्रामीण सुनने को तैयार नहीं हैं। ग्रामीणों ने बीते बुधवार की रात टेनापुर गांव के परिषदीय विद्यालय का ताला तोड़कर छुट्टा मवेशी कैद कर दिए। गुरुवार की सुबह शिक्षक और बच्चे स्कूल पहुंचे तो जानकारी हुई। शिक्षकों ने अधिकारियों को सूचना दी। कोतवाली में अज्ञात लोगों के खिलाफ स्कूल का ताला तोड़कर छुट्टा मवेशी कैद करने की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस ने बताया कि प्रधानाध्यापक की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में शांति भंग (धारा 144) व सरकारी कार्य में बाधा डालने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
स्कूल की इंचार्ज प्रधानाध्यापक अंजली ओमर ने बताया कि गुरुवार सुबह पहुंचीं तो विद्यालय के मुख्य गेट का ताला टूटा मिला और अंदर तकरीबन 30 छुट्टा गोवंश स्कूल परिसर में चहलकदमी करते घूम रहे थे। गेट का कुंडा बाहर से बंद था।
 

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यह देख बच्चे परिसर के बाहर सहमे खड़े थे। शिक्षिका ने बताया कि उन्होंने खंड शिक्षाधिकारी नीरज उमराव को दी। खंड शिक्षाधिकारी ने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट और पुलिस को सूचित किया। नायब तहसीलदार राकेश कुमार वर्मा, राजस्व लेखपाल आलोक तिवारी के साथ कोतवाली प्रभारी देवेंद्र विक्रम सिंह दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने ग्राम प्रधान को भी बुलवाया। इसके बाद स्कूल परिसर में कैद छुट्टा मवेशियों को ग्राम प्रधान और राजस्व लेखपाल की सुपुर्दगी में देकर गांव के बाहर स्थित चारागाह में बंधवाया जबकि, उनके चारे-पानी की व्यवस्था करवाने के निर्देश दिए।  खंड शिक्षाधिकारी ने बताया कि इस कवायद में कई घंटे का समय लग गया और स्कूल में बच्चों की पढ़ाई दोपहर बाद शुरू कराई जा सकी।
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छुट्टा मवेशी बंद करने पर एफआईआर
कानपुर के घाटमपुर में भी छुट्टा मवोशियों को हांककर स्कूलों और सरकारी भवनों में कैद करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। इसी कड़ी में जहां अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) संजय सिंह चौहान ने जिले में धारा 144 लागू कर दी है। घाटमपुर क्षेत्र के कटरी और टेनापुर गांवों के निवासियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। बीते सोमवार को क्षेत्र की यमुनापट्टी के गांव कटरी के स्कूल में मवेशी बंद करने वाले ग्रामीणों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करवाने के साथ उनको पाबंद भी किया है।
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रसूलाबाद (कानपुर देहात) में छुट्टा मवेशियों से परेशान किसानों ने जग्गमनपुर धीर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में मवेशियों को बंद कर दिया। आक्रोशित किसानों ने शासन प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। वहीं सुबह स्कूल पहुंचे प्रधानाध्यापक ने परिसर में मवेशियों को देख सूचना एसडीएम तथा खंड शिक्षाधिकारी को देते हुए 100 नंबर पुलिस से सहायता मांगी। मौके पर प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार सिंह, नायब तहसीलदार जगरूप सिंह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे, जिसके बाद मवेशियों को बाहर निकाला गया। छुट्टा मवेशी लोगों के लिए समस्या बनते जा रहे हैं। किसानों का दिन रात फसलों की रखवाली में बीत रहा है। हालांकि शासन की ओर से इसके लिए प्रशासन को अल्टीमेटम दिया गया है, लेकिन निश्चित समय सीमा बीतने के बाद भी अब तक कोई खासी प्रगति नहीं दिख रही। इसे देखते हुए बुधवार देर रात क्षेत्र के आक्रोशित किसानों ने जग्गमनपुर धीर गांव के पूर्व माध्यमिक विद्यालय में करीब 100 मवेशियों को बंद कर दिया।
 
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सुबह स्कूल खोलने के समय पहुंचे प्रधानाध्यापक आलोक कुमार विद्यालय पहुंचे तो स्कूल में एक सैकड़ा से अधिक तादाद में बंद पशुओं को देखकर वह हक्के-बक्के रह गए। इसके बाद उन्होंने मामले की सूचना एसडीएम रसूलाबाद जेपी पांडेय, खंड शिक्षा अधिकारी अनूप कुमार सिंह को देते हुए यूपी 100 पुलिस से सहायता मांगी, जिसके बाद मौके पर नायब तहसीलदार जगरूप सिंह, प्रभारी निरीक्षक सुशील कुमार सिंह, असालतगंज चौकी इंचार्ज बैजनाथ सहित भारी पुलिस बल गांव  पहुंच गया। इसके बाद पशुओं को स्कूल परिसर से बाहर निकाला गया। ग्रामीण नफीस, शिवमंगल, जगदीश, सुरेंद्र, रमाकांत सहित अन्य ग्रामीणों ने बताया कि मवेशियों नेे सैकड़ों बीघा लाही, चना व  गेहूं आदि की फसल चौपट कर दी है। फसल की दोबारा बुआई के लिए बीज लाने तक के पैसा नहीं है। तहसीलदार अर्चना अग्निहोत्री ने बताया कि पुलिस बल की सहायता से आवारा पशुओं को विद्यालय से रिहा करवा दिया गया है।
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