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'आईआईटी में जातिवाद का जहर' उत्तर बनाम दक्षिण की लड़ाई, सोशल मीडिया बना जंग का मैदान

Tue, 27 Nov 2018 12:09 AM IST
यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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डेमो पिक
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आईआईटी कानपुर में प्रोफेसरों का आपसी विवाद अभी शांत भी नहीं हुआ कि यहां के कई पूर्व छात्र आपस में जातिगत टिप्पणी को लेकर भिड़ गए हैं। पूर्व छात्रों की लड़ाई इस कदर बढ़ी कि एक-दूसरे की जाति को लेकर एल्युमनाई एसोसिएशन के फेसबुक ग्रुप में कमेंटबाजी शुरू हो गई।
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मामला बढ़ता देख आईआईटी कानपुर एल्युमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष प्रदीप भार्गव ने हस्तक्षेप किया और विवाद का कारण बने कई पूर्व छात्रों को एसोसिएशन के ग्रुप से हटा दिया। उन्होंने चेतावनी भी दी कि अगर इस तरह की टिप्पणी भविष्य में भी कोई करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इस ग्रुप के संचालक डिप्टी डायरेक्टर प्रो. मणिंद्र अग्रवाल और डीन एल्युमनाई प्रो. बीवी फणी हैं। दोनों ने पूर्व छात्रों के भिड़ने पर नाराजगी जाहिर की।
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नार्थ बनाम साउथ इंडियन की लड़ाई शुरू

डॉ. सडरेला मामले के बाद से इंस्टीट्यूट में नार्थ बनाम साउथ इंडियन की लड़ाई शुरू हो गई है। कैंपस में  जो पहले दोस्त थे, अब वो नार्थ-साउथ के गुटों पर आपस में लड़ने लगे हैं। फेसबुक और ट्विटर पर एक-दूसरे के खिलाफ आग उगलने लगे हैं। कुछ छात्रों का कहना है कि साउथ इंडियन, खासतौर पर चेन्नई से आने वाले छात्रों ने अपना अलग गुट बना लिया है। ये गुट अलग-अलग बैठकें करके एक-दूसरे पर तंज कस रहे हैं।
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