एचआईवी प्रभावितों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में इस साल एचआईवी से पीड़ित मिले व्यक्तियों की संख्या ने बीते दस सालों के रिकार्ड को तोड़ दिया है। मौजूदा वर्ष में जिले में अब तक 70 लोग इस गंभीर बीमारी से पीड़ित पाए गए हैं। इससे पूर्व वर्ष 2011 में सबसे अधिक 66 मरीज एचआईवी से पीड़ित मिले थे।
ये हैं स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े
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स्वास्थ्य विभाग भले ही जागरूकता के दावे करे, लेकिन दावे बता रहे हैं कि इस साल एचआईवी पाजिटिव के कई मामले सामने आए हैं। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2008 में जिले में एचआईवी से ग्रसित होने के शक पर 1793 लोगों ने जांच कराई थी जिसमें 24 लोग पीड़ित मिले थे।
वर्ष 2009 में मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी और 41 मरीज एचआईवी पाजिटिव पाए गए। 2009 में मरीजों की संख्या बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को जागरूक करना शुरू कर दिया था।
दंपति व बच्चे भी एचआईवी से पीड़ित हैं
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नतीजतन वर्ष 2010 में एचआइवी पीड़ितों की संख्या में कमी आई। 2010 में 28 लोगों में ही एचआईवी की पुष्टि हो सकी थी। लेकिन 2011 में अचानक मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी और वह 60 के आंकड़े को पार कर गई। वर्ष 2011 में 66 एचआईवी रोगियों की पहचान हुई थी। 2012 में 40 मरीज एचआईवी की गिरफ्त में आए थे।
2013 में 56 मरीजों को पाजिटिव पाया गया था। 2014 में 44 व 2015 में 20 लोग एचआईवी से पीड़ित पाए गए। इस बीच 2016 में 5322 मरीज काउंसिलिंग के लिए पहुंचे। इसमें 42 मरीजों में एचआईवी की पुष्टि हुई है। वर्ष 2017 में अब तक 70 मरीजों को एचआईवी से पीड़ित पाया गया है। इनमें पांच दंपति व बच्चे भी शामिल हैं।
वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है
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एड्स के लिए एचआईवी वायरस जिम्मेदार होता है। यह वायरस एक इंसान से दूसरे इंसान में फैलता है। इस वायरस से शरीर में प्रतिरोधक क्षमता धीमे-धीमे कम हो जाती है। एचआईवी से शरीर कई अन्य बीमारियों का शिकार भी हो जाता है।