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84 लाख के गबन मामले में सीबीआई का कस रहा फंदा, 36 खाताधारकों की रकम पर छह लोगों ने किए हाथ साफ

Thu, 11 Jul 2019 09:28 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, इटावा
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36 खातेदारों के 84 लाख 9 हजार रुपये गबन का मामला - फोटो : amar ujala
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इटावा के दो उप डाकघरों के 36 खातेदारों के 84 लाख 9 हजार रुपये गबन के मामले में मुख्य आरोपी सब पोस्टमास्टर एनएस चौहान के साथ करीब छह सह आरोपियों पर शिकंजा कसता जा रहा है। तीन बार शहर आकर जांच कर चुकी सीबीआई ने विभाग से कुछ और अहम कागजातों की मांग की। इस पर ऑफिस सुपरवाइजर उन कागजातों को लेकर लखनऊ गए हैं।
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गबन के इस मामले की सीबीआई समेत विभाग व पुलिस भी जांच कर रही है। विभागीय जांच पूरी हो चुकी है। डायरेक्टर की रिपोर्ट का इंतजार हो रहा। इसके बाद सह आरोपियों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। अशोक नगर उप डाकघर शाखा में 32 खाताधारकों के करीब 65.65 लाख रुपये और न्यू सिटी में चार खाताधारकों के निकाले गए।

 

मुख्य आरोपी सब पोस्टमास्टर के साथ छह सह आरोपी भी जांच के घेरे में

करीब 18.44 लाख रुपये मिलाकर गबन की यह रकम 84.09 लाख रुपये हो चुकी है। यह मामला सीडीओ के स्टेनो की शिकायत के बाद सामने आया। इसके बाद विभाग ने जांच की तो गबन की रकम की परतें खुलने लगी। दोनों उप डाकघरों में तैनात रहे आरोपी सब पोस्टमास्टर एनएस चौहान को निलंबित कर दिया गया था। विभाग ने अशोकनगर उप डाकघर के मामले की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

जबकि न्यू सिटी के मामलों की जांच विभाग के अलावा सीबीआई भी कर रही है। सीबीआई भी अपने यहां इस मामले को दर्ज कर चुकी है। आरोपी सब पोस्टमास्टर इस समय जेल में है। सीबीआई की टीम जांच के सिलसिले में तीन बार इटावा आ चुकी है। आरोपी सब पोस्टमास्टर का तमाम कच्चा चिट्ठा टीम ले जा चुकी है। जेल में जाकर टीम उसके बयान भी ले चुकी है।

 

ऑफिस सुपरवाइजर ने सीबीआई को पहुंचाए अहम कागजात

उसके बाद भी कुछ और सबूतों की मांग विभाग से की गई। जिन्हें ऑफिस सुपरवाइजर के हाथों लखनऊ भेजा गया। विभागीय जानकारी के अनुसार गबन के मुख्य आरोपी सब पोस्टमास्टर एनएस चौहान के साथ वह कर्मचारी भी सीबीआई और विभाग के निशाने पर हैं। जो इस पूरे मामले में उसके मददगार माने जा रहे हैं। विभाग ने अपनी जांच में ऐसे करीब छह कर्मचारियों को सह आरोपी पाया है।

सीबीआई की नजर में कितने सह आरोपी आए हैं। इसका खुलासा अभी नहीं हुआ है। अधिकारियों का कहना है कि सीबीआई टीम अपने हिसाब से जांच कर रही है। जाहिर है कि वह पुख्ता सबूतों के साथ जांच का फंदा कस रही है। उधर, गत 28 जून को विभाग के डायरेक्टर ने प्रधान डाकघर पहुंचे थे। वह स्वयं पूरी जांच करके गए हैं। डायरेक्टर रिपोर्ट के अनुसार ही सह आरोपियों पर कार्रवाई होगी। इनमें वह सुपरवाइजर भी शामिल हैं। जिनकी आईडी से खाता ट्रांसफर हुए हैं। उन पर लापरवाही और गबन में सहूलियत का आरोप माना जा रहा है। 

 
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कुर्की की कार्रवाई के लिए डीएम को लिखा है पत्र

इस संबंध में डाक अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि विभागीय जांच रिपोर्ट डायरेक्टर को सौंपी जा चुकी है। अब डायरेक्टर की रिपोर्ट में जो दिशा निर्देश प्राप्त होंगे। उनका पालन किया जाएगा। गबन मामले में कितने सह आरोपी हैं। यह उसी रिपोर्ट से स्पष्ट होगा। सीबीआई ने जो कागजात मांगे थे। उन्हें ऑफिस सुपरवाइजर के जरिए भेज दिया है। मुख्य आरोपी के खिलाफ कुर्की कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने बताया कि इस बाबत डीएम को पत्र लिखा है। जिनके खातों से रकम निकाली गई है। उनके दावे भी प्राप्त हो रहे हैं। 

पासपोर्ट ऑफिस के चल रहे प्रयास
प्रधान डाकघर परिसर में पासपोर्ट ऑफिस खोले जाने के संबंध में डाक अधीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि इसके लिए वह भरसक प्रयास कर रहे हैं। लखनऊ से सहायक पासपोर्ट अधिकारी विक्रांत कुमार यहां आकर जगह देख चुके हैं। ऑफिस के लिए उन्होंने डाक अधीक्षक आवास उपलब्ध कराया है। जिससे यहां लोगों को यह सुविधा मुहैया हो सके। अब वह इस प्रयास में हैं कि इस ऑफिस के लिए क्षेत्रीय कार्यालय आगरा से भी अनुमति प्राप्त हो जाए। इसके बाद पासपोर्ट ऑफिस स्थापित करने में कोई अड़चन नहीं होगी।
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