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जालौन केस: सीजेएम कोर्ट में दर्ज हुए जावित्री के बयान, हत्या का मुकदमा होने के 12 वर्ष बाद मिली थी

Tue, 24 Nov 2020 11:59 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जालौन
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कचहरी परिसर के बाहर जावित्री - फोटो : अमर उजाला
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10 लोगों पर हत्या का मुकदमा दर्ज होने के 12 वर्ष बाद जीवित मिली कालपी की जावित्री देवी के मंगलवार को सीजेएम कोर्ट में 164 के तहत बयान दर्ज कराए गए। सीओ सीबीसीआईडी कमर मजीद ने बताया कोर्ट के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 
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कालपी के रामचबूतरा निवासी राजो देवी ने करीब बारह साल पूर्व बेटी जावित्री के अपहरण और हत्या के आरोप में नगर पालिका के जेई समेत 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मामले की जांच कर रही सीबीसीआईडी ने कोर्ट में चार्जशीट लगा दी थी।

आरोपियों को जेल भेजा गया था। करीब दो माह पूर्व जावित्री अलीगढ़ में जीवित मिली। किंतु राजो देवी ने अलीगढ़ में मिली जावित्री को अपनी बेटी मानने से इंकार कर दिया। सीबीसीआईडी ने जावित्री को मोहल्ले के पुराने लोगों से मिलवाया।
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इसके अलावा उसकी शिनाख्त कालपी निवासी रिश्तेदारों से कराई।कई लोगों ने जावित्री को राजो की बेटी बताया था। मंगलवार की दोपहर के बाद सीबीसीआईडी 164 के बयान दर्ज कराने के लिए जावित्री को अलीगढ़ से उरई कोर्ट लाई।
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सीजेएम कोर्ट में उसके बयान दर्ज कराए गए। सीओ सीबीसीआईजी का कहना है कि केवल जावित्री के बयान दर्ज कराए गए हैं। राजो देवी और जावित्री का आमना-सामना अभी नहीं हुआ है। 

आरोपियों ने ली राहत की सांस
जावित्री के अपहरण और हत्या में अनीस, हरिबाबू और चंद्रप्रकाश आरोपी हैं। जावित्री के कोर्ट में बयान दर्ज होने के बाद आरोपी और उनके परिजनों को कुछ राहत मिली है। इन लोगों ने कहा कि बयान दर्ज होे के बाद बरी होने की उम्मीद बढ़ गई है। हत्या का दाग मिट जाएगा। 

अब हो सकती है डीएनए टेस्ट की प्रक्रिया
चूंकि राजो देवी जावित्री को बेटी मानने से इनकार कर रही हैं, इसलिए एसपी डॉ यशवीर सिंह ने राजो देवी और जावित्री का डीएनए टेस्ट टेस्ट कराने की बात कही थी। बयान दर्ज हो चुके हैं, इसलिए अब डीएनए जांच की प्रक्रिया की शुरू होने के कयास लगाए जा रहे हैं।
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