बच्चों के यौन उत्पीड़न के चर्चित आरोपी सिंचाई विभाग के निलंबित जेई रामभवन से सीबीआई ने दूसरे चरण की पूछताछ पूरी कर रविवार को दोपहर जेल में दाखिल करा दिया। कोर्ट ने सीबीआई को पांच दिन की (103 घंटे) कस्टडी रिमांड दी थी, पर सीबीआई ने अपना काम 30 घंटे पहले ही पूरा कर लिया।
सीबीआई ने 73 घंटा 41 मिनट अपनी कस्टडी में आरोपी जेई को रखा। यौन उत्पीड़न का आरोपी निलंबित जेई रामभवन करीब एक पखवाड़े पहले सीबीआई के हत्थे चढ़ा था। कई दिन साथ रखकर सीबीआई ने निशानदेही पर बच्चों के शारीरिक उत्पीड़न में इस्तेमाल होने वाले इलेक्ट्रानिक उपकरण बड़ी संख्या में बरामद किए थे।
आरोपी को 16 नवंबर को पहली गिरफ्तारी दर्शाते हुए सीबीआई ने बांदा के प्रथम अपर सीजेएम कोर्ट में पेश कर एक दिन का रिमांड मांगा था। मजिस्ट्रेट नदीम अनवर ने अर्जी मंजूर कर एक दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया था।
अगले दिन सीबीआई ने आरोपी को वापस जेल भेज दिया। 18 नवंबर को सीबीआई ने फिर रिमांड पर लेने की अर्जी पेश की। दो दिन सुनवाई टलने के बाद 25 नवंबर को पॉक्सो एक्ट के विशेष न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद ने पांच दिन की रिमांड अर्जी मंजूर की थी।
कोर्ट ने 26 नवंबर को सुबह 9 बजे से 30 नवंबर को शाम चार बजे तक की कस्टडी रिमांड मंजूर की थी। सीबीआई ने 26 नवंबर को दोपहर करीब 1.14 बजे जेई रामभवन को जेल से अपनी सुपुर्दगी में लिया और सीधे चित्रकूट ले जाकर कैंप आफिस में रखा।
चार दिनों तक पूछताछ और कुछ स्थानों पर ले जाने के बाद रविवार को दोपहर बाद करीब 2.55 बजे जेई को एंबुलेंस से वापस लाकर जेल अफसरों के हवाले कर दिया। सीबीआई के डिप्टी एसपी और विवेचक श्रीभगवान समेत चार सदस्यीय सीबीआई दल और पीपीई किट पहने स्वास्थ्य कर्मी साथ आए थे। माना जा रहा कि सीबीआई ने अपना काम लगभग पूरा कर लिया है।
जेई कोरोना निगेटिव, सामान्य बैरक में रहेगा
जेल में सीबीआई कस्टडी रिमांड में जाने से पहले 20 नवंबर को हुई जांच में निलंबित आरोपी जेई रामभवन कोरोना संक्रमित मिला था। इसके मद्देनजर कोर्ट ने रिमांड अर्जी मंजूरी आदेश में कहा था कि सीबीआई पीपीई किट पहनकर आरोपी से कैंप आफिस में पूछताछ करेगी।
उसे दवाएं आदि मुहैया कराएगी, लेकिन 26 नवंबर को रिमांड में जाने से पहले जेल में हुई कोरोना जांच में उसे निगेटिव पाया गया। यहां के बाद चित्रकूट में भी हुई जांच में संक्रमित नहीं मिला। उसका स्वास्थ्य सामान्य बताया गया।
अब रविवार को पुन: जेल में दाखिल होते ही स्वास्थ्य परीक्षण और कोरोना जांच की गई। प्रभारी जेल अधीक्षक प्रमोद तिवारी ने बताया कि कोरोना जांच निगेटिव मिली है। अन्य स्वास्थ्य भी सामान्य है। अब आरोपी को जेल की सामान्य बैरक पांच में अन्य बंदियों के साथ रखा गया है।