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जाजमऊ बवाल में युवक की हत्या का मामला, पुलिस से यारी के चलते बेखौफ हैं आरोपी, इलाके में दबंगई

Wed, 18 Nov 2020 01:25 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी पुलिस
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कानपुर में जाजमऊ के वाजिदपुर में रविवार को हुए बवाल में युवक की मौत के मामले में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है। नामजद कई आरोपी चौकी इंचार्ज के खास बताए जा रहे हैं। इसी वजह से उनका दुस्साहस बढ़ा हुआ है।
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शायद यही वजह रही कि पीआरवी की मौजूदगी में भी आरोपियों ने जमकर पथराव किया और लाठी डंडे चलाए, इसमें युवक की मौत हो गई। शुरुआती जांच में आरोपियों से सांठगांठ के साक्ष्य मिलने के बाद भी चौकी इंचार्ज को केवल लाइन हाजिर किया गया है।

उधर, पुलिस ने मंगलवार को दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा है। मुख्य आरोपी अमान अभी फरार है। रविवार शाम पानी की छींटे पड़ने के बाद मामूली विवाद में वाजिदपुर में दो समुदायों के बीच बवाल हो गया था।
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पथराव व मारपीट में 25 वर्षीय पिंटू निषाद की मौत हो गई थी। पुलिस ने मोहसिन उर्फ लाल, सरफराज, मेराज और अंजुम को जेल भेजा था। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि मंगलवार को दो अन्य आरोपी फैज मोहम्मद और मोहम्मद तालिब उर्फ रिहान को जेल भेजा गया है। कई टीमें गठित कर अमान की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
 
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पुलिसकर्मियों के साथ रहता था आरोपी
जेल भेजा गया मोहसिन राजा बुकी का भाई है। राजा इलाके में बड़े पैमाने पर जुआ और सट्टा खिलवाता है। जाजमऊ चौकी इंचार्ज के संरक्षण में राजा पूरा खेल कर रहा था। यही नहीं मोहसिन अधिकतर चौकी पुलिस के साथ रहता है।

पुलिस के लिए मुखबिरी करना, लोगों को ब्लैकमेल कर पुलिस के साथ मिलकर रकम ऐंठना उसका काम है। यही वजह है कि पहली सूचना पर केवल पीआरवी पहुंची। चौकी पुलिस जानबूझकर नहीं गई।

समानांतर थाना चला रहा था दरोगा
जाजमऊ चौकी इंचार्ज अनुराग सिंह पर पुलिस अफसरों के साथ एक विधायक की भी शह है। चौकी में रहते हुए वो समानांतर थाना चला रहा था। पूर्व थानेदार रणजीत राय से उसकी एक बार कहासुनी भी हुई थी। एक ही चौकी में दो बार तैनाती भी उसके रसूख की गवाही है।

कुछ लोगों ने पहले भी शिकायत की थी कि रात में चौकी इंचार्ज शराब के नशे में धुत होकर ड्यूटी करता है। यहां तक कि सिपाही भी उससे डरते थे। एसपी पूर्वी का कहना है कि जितने आरोप लगे हैं, उसकी जांच एएसपी कैंट को दी गई है। जांच के बाद विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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