कानपुर स्थित स्टेप एचबीटीआई के सभी शिक्षकों और कर्मचारियों की फाइलें ही गायब हो गई हैं। मतलब संस्थान में नियुक्त शिक्षकों और कर्मचारियों की न तो सर्विस बुकें बची हैं और न ही किसी की पर्सनल फाइल। फाइलें गायब होने पर सबका इंक्रीमेंट रोक दिया गया है।
मामला प्रकाश में आने के बाद संस्थान के बीओजी चेयरमैन और एचबीटीयू के कुलपति प्रो. एनबी सिंह ने जांच कमेटी का गठन कर दिया है। इसे गायब करने का आरोप पूर्व निदेशक और एचबीटीयू के सीनियर प्रोफेसर आरके त्रिवेदी पर लगा है।
संस्थान के कोआर्डिनेटर प्रो. मनोज शुक्ला ने बताया कि शिक्षकों की फाइलें मिलने के बाद ही आगे की कार्यवाही सुनिश्चित की जा सकेगी। चूंकि संस्थान में पूर्व की सभी गतिविधियों की जांच विजिलेंस भी कर रही है, इसलिए जल्द ही सब कुछ स्पष्ट हो जाएगा।
वहीं संस्थान के पूर्व निदेशक प्रो. आरके त्रिवेदी ने सभी आरोपों को खारिज कर दिया। उन्होंने बताया कि मामला कोर्ट में चल रहा है। मुझ पर लगाए जा रहे सभी आरोप बेबुनियाद हैं। सूत्रों ने बताया कि फाइलें करीब दो माह पूर्व गायब हुई थीं।
शिक्षकों की नियुक्ति में अनियमितता का आरोप
आरोप है कि पूर्व में हुईं कई नियुक्तियों को गलत तरीके से किया गया है। इसके अलावा शिक्षकों, कर्मचारियों को दिए जाने वाले वेतन में भी काफी अनियमितता है। एकेटीयू के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने इस मामले की जांच के आदेश दिए थे। उन्होंने कई दस्तावेजों को मीडिया के सामने पेश करते हुए स्टेप के तत्कालीन निदेशक प्रो. आरके त्रिवेदी पर कई गंभीर आरोप लगाए थे।
शिक्षकों में उठने लगे विरोध के स्वर
दो साल से इंक्रीमेंट न होने से शिक्षकों में भी विरोध के स्वर मुखर होने लगे हैं। शिक्षक आपस में बैठकें करके रणनीति तैयार कर रहे हैं। तय हुआ है कि नए सत्र से पहले अगर सब कुछ सही नहीं हुआ तो वह हड़ताल पर चले जाएंगे। हालांकि अभी कोई भी शिक्षक खुलकर बोलने से बच रहा है।
सभी शिक्षकों की फाइलें गायब होने की सूचना संस्थान प्रशासन ने दी थी। इसकी जांच के लिए कमेटी का गठन कर दिया है। वहीं शासन स्तर पर भी विजिलेंस की जांच तेज हो गई है। जल्द ही सब कुछ सामान्य हो जाएगा।
- प्रो. एनबी सिंह, कुलपति एचबीटीयू और बीओजी चेयरमैन स्टेप एचबीटीआई