कमिश्नर के मुताबिक आशीष पांडेय और अतुल कुशवाहा दोनों ही सोशल मीडिया संबंधी काम करते हैं। आपस में दोनों की प्रतिस्पर्धा चलती है। कमिश्नर ने दावा किया है कि अतुल की छवि को खराब करने के लिए आशीष पांडेय ने साजिश रची। इसमें हिमांशु शामिल हुआ।
दो रुपये प्रति ट्वीट से संबंधित ऑडियो वायरल होने के मामले में रविवार को क्राइम ब्रांच ने लखनऊ निवासी सोशल मीडिया मैनेजमेंट कंपनी बीईसीआईएल के मैनेजर व एक अन्य कर्मचारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस का दावा है कि आपसी प्रतिस्पर्धा में आरोपियों ने कॉल रिकॉर्डिंग को एडिट कर वायरल किया था।
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पुलिस ने असली और एडिटेड कॉल रिकॉर्डिंग भी आरोपियों के मोबाइल/लैपटॉप से बरामद कर ली है। रावतपुर गांव निवासी अतुल कुशवाहा ने 31 मई को कल्याणपुर थाने में रिटायर्ड आईएएस सूर्य प्रताप सिंह, हिमांशु सैनी और पुनीत सैनी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
आरोप था कि हिमांशु और पुनीत ने उसको बदनाम करने के लिए सीएम के पक्ष में दो रुपये में एक ट्वीट करने की बात की कॉल रिकॉर्डिंग वायरल कर दी। इसे सूर्य प्रताप सिंह ने ट्वीट किया। पुलिस कमिश्नर असीम अरुण ने बताया कि मामले में कैंट लखनऊ निवासी मैनेजर आशीष पांडेय और खालाबाजार, मानकनगर लखनऊ के हिमांशु सैनी को गिरफ्तार किया गया है।
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जानकारी के मुताबिक आशीष पांडेय कुछ समय पहले तक प्रदेश सरकार व यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ का सोशल मीडिया का काम देखते थे। उनकी पत्नी उत्तर प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की सदस्य हैं।
इसलिए साजिशन वायरल की रिकॉर्डिंग
कमिश्नर के मुताबिक आशीष पांडेय और अतुल कुशवाहा दोनों ही सोशल मीडिया संबंधी काम करते हैं। आपस में दोनों की प्रतिस्पर्धा चलती है। कमिश्नर ने दावा किया है कि अतुल की छवि को खराब करने के लिए आशीष पांडेय ने साजिश रची। इसमें हिमांशु शामिल हुआ। हिमांशु ने बिहार निवासी एक किशोर को फोन किया।
इसमें प्रति ट्वीट दो रुपये देने की बात की गई। फिर ऑडियो को एडिट कर वायरल किया गया। एक कॉल रिकॉर्डिंग 38 सेकेंड और दूसरी कॉल रिकॉर्डिंग 26 सेकेंड की थी। इसे एडिट कर 64 सेकेंड की रिकॉर्डिंग बनाई गई। कमिश्नर के मुताबिक जांच अभी जारी है।