काफी समय से चल रहा था जेवर की लूट का खेल
इसके बाद रुपेश ने पूरी घटना को लेकर आरोप लगाते हुए वीडियो वायरल किए। इसमें कहा था कि पोस्टमार्टम हाउस में शवों से जेवर की लूट का खेल काफी समय से चल रहा था। उसने आरोप लगाया था कि इस खेल में फार्मासिस्ट प्रमोद वर्मा और पूर्व में तैनात रहे पंकज सचान शामिल थे।
टीम ने अधिकारियों को सौंपी जांच रिपोर्ट
हालांकि, पंकज सचान को एक दूसरे मामले में मई में ही पोस्टमार्टम हाउस से हटाकर संडीला भेजा जा चुका है। रुपेश के आरोप की जांच के लिए सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार ने चार वरिष्ठ अधिकारियों की एक टीम बुधवार को गठित की थी। टीम ने बृहस्पतिवार को जांच रिपोर्ट सौंप दी।
सीएमओ ने दोनों को पोस्टमार्टम हाउस से हटा दिया
रिपोर्ट के मुताबिक पूरी घटना के लिए बर्खास्त किए गए कर्मचारियों रुपेश पटेल और वाहिद को ही दोषी ठहराया गया है। पंकज सचान और प्रमोद कुमार वर्मा पर लगाए गए आरोपों के संबंध में रूपेश और वाहिद कोई साक्ष्य जांच टीम को नहीं दे सके। इसके बाद भी सीएमओ ने सख्ती दिखाते हुए प्रमोद कुमार वर्मा को भी हरदोई पोस्टमार्टम हाउस से हटा दिया।
तबादला करने के लिए शासन को भेजा है पत्र
प्रमोद और पंकज सचान का तबादला जनपद से करने के लिए शासन को भी पत्र भेज दिया गया है। रुपेश और वाहिद के खिलाफ शवों से जेवर लूटने के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश भी सीएमओ ने दिए हैं।