कानपुर के आजाद नगर में किराये के घर पर पकड़ी गई फर्जी फर्म मामले की बीते नौ महीने से जांच पर जांच चल रही है। अभी तक न तो कारोबारी पकड़ में आए और न ही फर्जी तरीके से हड़पी गई आईटीसी की वसूली हो सकी है।
कारोबारी इसलिए पकड़ में नहीं है, क्योंकि इस मामले की एफआईआर ही नौ महीने बाद हुई है। दिसंबर 2019 में आजाद नगर के पते पर पंजीकृत यूनिवर्सल इंटरप्राइजेज की जांच की गई तो 38 लाख की आईटीसी फर्जी तरीके से वसूलने का मामला सामने आया।
कारोबारी रोहित जैन के नाम पर जिस मकान में फर्म दर्ज है, वहां जांच की गई तो रोहित जैन नाम का कोई शख्स नहीं मिला। मकान मालिक ने बताया कि एक शख्स ने कुछ समय पहले किराये पर कमरा लिया था। अब चार महीने से वह लापता है। स्टेट जीएसटी के अफसर तब से अब तक न कारोबारी की तलाश कर सके और न ही 38 लाख की आईटीसी वापस पा सके।
फर्म ने जिन लोगों को बिल काटे हैं उनकी चेन तलाशी जा रही है। कोई न कोई तो असली व्यक्ति पकड़ में आएगा ही। सरकारी पैसा है इसकी वसूली हर हाल में करके रहेंगे। कोरोना संक्रमण की वजह से एफआईआर में देरी हुई।
चंद्रशेखर झा, उपायुक्त, स्टेट जीएसटी