कानपुर में किरायेदार की आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सप्लीमेंट्री मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी का बचना संभव नहीं है। क्योंकि पीड़िता के बयान, उसकी मां की गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद अहम हैं।
नाजुक अंगों को हाथ लगाना भी कानून दुष्कर्म की श्रेणी में आता है। इसलिए उस पर शिकंजा कसना तय है। चकेरी फ्रेंड्स कालोनी निवासी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर आठ अगस्त को किरायेदार की बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पुलिस ने नौ अगस्त को पॉक्सो व दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया था।