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पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी का मामला: मेडिकल में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं फिर भी बचना नामुमकिन

Mon, 06 Sep 2021 11:38 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर आठ अगस्त को किरायेदार की बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पुलिस ने नौ अगस्त को पॉक्सो व दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया था।
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पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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कानपुर में किरायेदार की आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में सप्लीमेंट्री मेडिकल रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई। हालांकि आरोपी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी का बचना संभव नहीं है। क्योंकि पीड़िता के बयान, उसकी मां की गवाही और वैज्ञानिक साक्ष्य बेहद अहम हैं।
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नाजुक अंगों को हाथ लगाना भी कानून दुष्कर्म की श्रेणी में आता है। इसलिए उस पर शिकंजा कसना तय है। चकेरी फ्रेंड्स कालोनी निवासी पूर्व इंस्पेक्टर दिनेश त्रिपाठी पर आठ अगस्त को किरायेदार की बेटी से दुष्कर्म करने का आरोप लगा था। पुलिस ने नौ अगस्त को पॉक्सो व दुष्कर्म की धारा में रिपोर्ट दर्ज कर उसे जेल भेज दिया था। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल कराया था।
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सूत्रों के मुताबिक पुलिस को मेडिकल टीम ने सप्लीमेंट्री मेडिकल रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें दुष्कर्म की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि एफआईआर में लिखा गया है कि जब पीड़िता की मां कमरे में पहुंची थी तो आरोपी पीड़िता के साथ आपत्तिजनक स्थिति में था। कोर्ट में दिए गए बयानों में भी इसकी पुष्टि की थी। एक अधिवक्ता के मुताबिक पीड़िता व उसकी मां के बयान बेहद अहम हैं। पीड़िता की मां प्रत्यक्षदर्शी है। 

कॉल रिकॉर्डिंग गुनाह पर लगाएगी मुहर
आरोपी के पास से एक कॉल रिकॉर्डिंग मिली थी। इसमें वह पीड़िता की मां से माफी मांगते हुए वारदात को कबूल कर रहा है। पुलिस रिकॉर्डिंग की फोरेंसिक जांच करवा रही है। विशेषज्ञों के मुताबिक जांच में जब साबित हो जाएगा कि आवाज आरोपी की ही तो उसके खिलाफ यह मजबूत साक्ष्य होगा। 

जो चादर थी, उसे ही सील किया गया
पुलिस ने घटना स्थल से आरोपी व पीड़िता के कपड़े, तौलिया और चादर को सील कर फोरेंसिक जांच के लिए भेजा है। चर्चा रही कि फोरेंसिक टीम को चादर मिली ही नहीं थी। इस पर अफसरों ने बताया कि घटना के बाद फोरेंसिक टीम वहां नहीं पहुंची थी। पुलिस ने सीधे लैब को सील की गई चीजों को जांच के लिए भेजा है। 
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