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जबरन धर्म परिवर्तन का मामला: भड़काऊ वीडियो देख बढ़ी कट्टरता, एक संगठन की भूमिका संदिग्ध

Sun, 29 Nov 2020 12:49 PM IST
प्रभापुंज मिश्रा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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धर्म परिवर्तन प्रकरण - फोटो : अमर उजाला
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जबरन धर्म परिवर्तन के मामले में कई आरोपियों के मोबाइल से चौंकाने वाली सामग्री मिली है। कुछ आरोपी भड़काऊ वीडियो यूट्यब व अन्य साइट पर देखते थे। कुछ मौलानाओं के भाषण भी सुनते थे। इससे उन पर कट्टरता हावी होती थी और दूसरे समुदाय की युवतियों को निशाना बनाने की साजिश करते थे।
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ये सभी स्वप्रेरित हैं। यही वजह है कि अनजान युवती को जाल में फंसाने के लिए दूसरे नामों से ये सोशल साइट पर एकाउंट बनाए थे। एक संगठन की भूमिका संदिग्ध मिली है, जिससे जुड़े लोग रडार पर हैं। जबरन धर्म परिवर्तन मामलों की जांच पूरी कर एसआईटी ने रिपोर्ट फाइल कर दी है। आरोपी जेल चले गए हैं।

 
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उनके मोबाइल से अहम साक्ष्य मिले हैं। जिन्हें पुलिस ने जांच में शामिल कर कोर्ट में पेश किया है। भड़काऊ कंटेंट के अलावा व्हाट्सएप से बड़ा ख़ुलासा हुआ है। आरोपी शहर के अलावा दूसरे शहरों की युवतियों से जुड़े हुए थे। उन सभी से लगभग एक ही जैसी बातें कर रहे थे। सभी को आरोपियों ने अपना दूसरा नाम बता रखा था। पुलिस ने चैट को रिकवर भी कराया है।

संपर्क में थे एक संगठन के लोग
एसआईटी की जांच रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने किसी संगठन के इशारे पर जबरन धर्म परिवर्तन की साजिश नहीं रची। मगर जांच रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद एक पाकिस्तान के संगठन का नाम सामने आया है, जो शहर में पांव पसार रहा है। तमाम लोग संगठन के पदाधिकारियों के संपर्क में हैं। ये सभी धार्मिक कट्टरता को बढ़ावा देते हैं। सूत्रों के मुताबिक जेल भेजे गए कुछ आरोपी इन लोगों के संपर्क में थे।

फिलहाल एसआईटी की जांच में किसी संगठन या फंडिंग के साक्ष्य नहीं मिले हैं। अगर कोई नए तथ्य सामने आएंगे तो उसकी जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मोहित अग्रवाल, आईजी

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