जैन और तायल तो मोहरा
जीएसटीआई के सूत्र बताते हैं कि पकड़े गए व्यापारी मनोज कुमार जैन और चंद्र प्रकाश तायल इस मामले के बड़े आरोपी हैं, लेकिन असली चेहरा नहीं हैं। कानपुर में फर्जी फर्में बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने, कालाधन सफेद करने का खेल व्यापक पैमाने पर चल रहा है। ऐसी कंपनियों पर कार्रवाई के लिए रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज को लिखा जाएगा। फर्जी कंपनियों के खेल में शहर के कई चार्टर्ड एकाउंटेंट भी शामिल हैं। सबूत हासिल होने पर चार्टर्ड एकाउंटेंट संस्थान को भी लिखा जाएगा।
सराफा, किराना और लोहा व्यापारियों से जुड़े तार
चूंकि नयागंज, बिरहाना रोड, जनरलगंज, घंटाघर, एक्सप्रेस रोड और मेस्टन रोड शहर शहर के थोक बाजार हैं। यहीं पर बड़े डीलरों के प्रतिष्ठान और शोरूम हैं। बताया जाता है कि फर्जी बिलों का खेल यहीं पर ज्यादा होता है। जीएसटी इंटेलिजेंस की जांच में सामने आया है कि सराफा, किराना, कपड़ा और लोहा कारोबारियों को फर्जी बिल जारी किए गए।