फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

'हैरान हूं उसने ऐसा किया': पिता बोले- मेरी बेटी हौसले वाली...ऐसा नहीं कर सकती, चेहरा देखने से भी कर दिया मना

Sun, 20 Aug 2023 11:55 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बांदा
विज्ञापन
1 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

मैं ठीक हूं मां। हॉस्टल में हूं। मेस में नाश्ता किया है। अब कमरे में जा रही हूं। तबीयत कुछ ठीक नहीं है। आज मैं हास्टल में ही रहूंगी। थ्योरी और प्रैक्टिकल की क्लास अटेंड नहीं करूंगी। भाई और छोटी बहन कैसी है। कुछ इस तरह से एमबीबीएस छात्रा ने घटना से चार घंटे पहले मां से मोबाइल पर तकरीबन पांच मिनट बात की थी।

आखिरी बार उससे बात होने के बाद माता-पिता को यह अंदाजा नहीं था कि उनकी बेटी फंदा लगाकर आत्महत्या करने का कदम उठा लेगी। गुरुवार को सुबह पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे पिता रेवन्यू इंस्पेक्टर प्रभुराम भार्गव ने बताया कि घटना से चार घंटे पहले आठ बजे सुबह बेटी ऊषा भार्गव का कॉल उसकी मां सरोज के मोबाइल पर आया था।

मेरी बेटी हौसले वाली...आत्मघाती कदम से हूं सदमे में
पिता प्रभुराम भार्गव ने बताया कि मेरी बेटी हौसले वाली थी। दिल्ली से अकेले संपर्क क्रांति ट्रेन से सफर कर बांदा आती-जाती थी। वह बहादुर थी। उसके आत्मघाती कदम से सदमे में हूं। जुलाई में वह घर आई थी। कुछ दिन रुकने के बाद उसे छोड़ने दिल्ली तक आए थे। संपर्क क्रांति एक्सप्रेस ट्रेन में उसे बैठाया था।

विज्ञापन

2 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

पिता बोले- जुलाई माह में आई थी घर
मेडिकल कॉलेज से फोन किया था कि वह सकुशल आ गई है। मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर और वार्डन बता रहीं हैं कि 15 अगस्त को वह मेडिकल कॉलेज में स्थित मंदिर में हुए सत्संग में शामिल हुई थी। उन्हें अभी भी यकीन नहीं हो रहा है उनकी बेटी ने खुदकुशी की है। एक अगस्त को उन्होंने उसके खाते में सात हजार रुपये भेजे थे।

विज्ञापन

3 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

तीन साल में कभी किसी तरह की परेशानी नहीं बताई
इसके बाद छह अगस्त को खाते में सात हजार रुपये और भेजे थे। घर में और कॉलेज में कोई समस्या नहीं थी। वह खुद नहीं समझ पा रहे हैं कि उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। पिता प्रभुराम भार्गव, मां सरोज व छात्रा के फूफा बांदा आए थे। पोस्टमार्टम हाउस में सिर्फ पिता मौजूद रहे। पूछने पर पिता ने बताया कि मां को उन्होंने वापस भेज दिया है।

4 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

छात्राओं की आंखों में आए आंसू
एमबीबीएस छात्रा ऊषा भार्गव के खुदकुशी प्रकरण से सहपाठी छात्रा रंजना, निकिता और आस्था खासी व्यथित हैं। तीनों छात्राओं ने बुधवार से खाना भी नहीं खाया। रह-रहकर ऊषा को यादकर आंसू बहाने लगतीं हैं। उनकी हालत देख अन्य सीनियर और सहपाठी छात्राएं उन्हें संभालने में लगी हैं।

विज्ञापन

5 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

एक साथ आया जाया करते थे हम
ऊषा के पिता प्रभुराम भार्गव के गले से लगकर वह रोने लगीं। पिता के आंसू छलक पड़े तो छात्राओं ने उन्हें संभाला। छात्रा रंजना ने बताया कि वह भी राजस्थान की है। ऊषा और उसका चयन एक साथ हुआ था। कभी-कभी वह घर से ट्रेन द्वारा एक साथ बांदा मेडिकल कॉलेज आया-जाया करतीं थीं।

विज्ञापन

6 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

चेहरा देखने पर प्राचार्य ने किया मना
पोस्टमार्टम हाउस में एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्र और छात्राएं गमगीन हालत में मौजूद रहे। पोस्टमार्टम के बाद जैसे ही शव को एंबुलेंस में रखवाया जाने लगा तो एमबीबीएस के छात्रों ने प्रधानाचार्य से ऊषा का आखिरी चेहरा देखने की फरियाद की। प्रधानाचार्य के मना करने पर छात्रों ने प्रधानाचार्य को सॉरी बोला और चुपचाप खड़े हो गए।

विज्ञापन

7 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

मेडिकल छात्रों ने नहीं अटेंड की कक्षाएं
गुरुवार को एमबीबीएस तृतीय वर्ष के छात्रों ने थ्योरी और प्रैक्टिकल की कक्षाएं अटेंड नहीं की। वह पूरे समय पोस्टमार्टम में रहे। गमगीन माहौल में सिर्फ छात्रा ऊषा के विषय में आपस बात करते दिखे। मेडिकल छात्र छात्रावास से मृतक छात्रा के सामान को पैक कराने में भी मदद की। छात्रा का सभी सामान उन्होंने खुद एम्बुलेंस में रखवाया।

8 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला

एडीएम ने सहपाठी छात्राओं से की वजह जानने की कोशिश
एमबीबीएस छात्रा की खुदकुशी में बुधवार की रात एडीएम न्यायिक अमिताभ दो घंटे छात्रावास में रुके। छात्रावास में मौजूद 70 छात्राओं से बातचीत की। छात्रा ऊषा के स्वभाव आदि के विषय में पूछताछ की। छात्रा के कमरे के आसपास के कमरों में रहने वाली छात्राओं के कलमबंद बयान लिए।

विज्ञापन

9 of 9
banda suicide case - फोटो : अमर उजाला
दो डॉक्टरों के पैनल ने किया पोस्टमार्टम, मौत की वजह हैगिंग
एमबीबीएस छात्रा ऊषा भार्गव के शव का मेडिकल कॉलेज में दो डॉक्टरों के पैनल डॉ. ह्दयेश पटेल व डॉ. सुशील कुमार ने पोस्टमार्टम किया। इसकी वीडियोग्राफी की गई। तीन घंटे चले पोस्टमार्टम में छात्रा की मौत की वजह से हैगिंग आई है। शरीर में कहीं और कोई चोट आदि के निशान भी नहीं पाए गए हैं। डॉ. ह्दयेश पटेल ने बताया कि मौत की वजह हैगिंग है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें