कानपुर के नौबस्ता में हिंदू समुदाय की महिला से कल्याणपुर निवासी मकसूद अली ने नाम बदलकर करीब 11 साल पहले धोखे में शादी की। महिला उस वक्त प्राइवेट नौकरी करती थी। आरोप है कि शादी के दो साल बाद नौकरी छूटने के बाद मकसूद ने पीड़िता पर नौकरी करने या जिस्मफरोशी के धंधे में उतरने का दबाव बनाया।
काफी साल तक महिला नौकरी करके उसे पैसे देती रही लेकिन हाल में महिला को पता चला कि एक अन्य युवती से उसके प्रेम संबंध हैं तो महिला ने पुलिस में आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी। शुक्रवार को मामले को लेकर बजरंगदल ने थाने में हंगामा भी काटा था।
इलाके में रहने वाली महिला ने बताया कि मकसूद ने उसको अपना नाम समीर बताकर दोस्ती की थी। प्रेम जाल में फंसाकर शादी कर ली। शादी के बाद भी परिवार से नहीं मिलवाया। दो साल बाद उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया।
किसी भी तरह से कमाने का दबाव बनाया तो वह प्राइवेट नौकरी करने लगी और मकसूद को 4.5 लाख रुपये भी दिए। जिससे उसने काम खरीदी। आरोप है कि मकसूद ने बैंक से क्रेडिट कार्ड भी लिया, जिससे 80 हजार रुपये निकालकर अय्याशी में खर्च किए।
बैंक का बकाया भी उसके माथे मढ़ दिया। आरोप लगाया कि मकसूद ने दिल्ली में किसी हिंदू लड़की को प्रेम जाल में फंसा लिया है। पुलिस ने मकसूद के खिलाफ धोखाधड़ी, दहेज उत्पीड़न, भरोसा तोड़ना, जान से मारने की धमकी, धोखा देकर शादी करने समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की है।