कुछ मिनट तक वीडियो कॉल और अश्लील वीडियो बना लिया। युवती ने पैसों की मांग की। कुछ पैसा दरोगा ने भेज भी दिया। जब ज्यादा परेशान हुआ तब उसने एक साथी पुलिस अधिकारी को इस बारे में बताया। उन्होंने तत्काल मोबाइल नंबर बंद कराया। तब जाकर छुटकारा मिला। दरोगा अभी भी दहशत में है।
अब तक 88 शिकायतें पहुंची
साइबर ठगी का गिरोह इस तरीके से ठगी को अंजाम देने में लगे हैं। जिन नंबरों से व्हाट्सएप इस्तेमाल करते हैं वह फेक आईडी पर होती है। वह प्रीएक्टिवेटेड सिमों का इस्तेमाल करते हैं, जिससे वह ट्रेस न हों। साइबर सेल में लगातार इस तरह से ब्लैकमेलिंग व ठगी के मामले पहुंच रहे हैं। इस साल अब तक 88 शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं।
सरकारी कर्मचारी निशाने पर
पुलिस विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सीयूजी नंबरों पर सबसे अधिक इस तरह की रिक्वेस्ट आ रही हैं। साइबर ठगों को पता है कि ये सरकारी नंबर है। कोई अधिकारी है, तो कोई कर्मचारी। जो जाल में फंसेगा वह ठीक पैसा देगा। बदनामी के डर से किसी से शिकायत भी नहीं करेगा। एक दिन में आठ-दस बार तक रिक्वेस्ट आ रही हैं।