पनकी थाना क्षेत्र में दिव्यांग युवती ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर न्याय की गुहार लगाई है। उसने कहा है कि साहब... मैं दिव्यांग हूं, कुछ लोग मेरी मजबूरी का फायदा उठाना चाहते हैं। पुलिस ने दुष्कर्म के प्रयास के आरोपियों के बजाए मेरी मां समेत छह पर रिपोर्ट दर्ज की है।
कानपुर में पुलिस की एक और करतूत सामने आई है। दुष्कर्म का प्रयास करने वाले आरोपियों पर रिपोर्ट दर्ज करने के बजाय पुलिस ने पीड़िता की मां समेत बचाने वाले छह लोगों पर ही शांतिभंग की कार्रवाई कर दी। पीड़िता ने पुलिस कमिश्नर से न्याय की गुहार लगाई है।
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बुधवार को दोनों पैरों से दिव्यांग युवती घिसटते हुए पुलिस कमिश्नर के कार्यालय पहुंची। उसने बताया साहब मैं विकलांग हूं। गरीब हूं पर इज्जतदार हूं... एक माह पूर्व मोहल्ले के रहने वाले शख्स ने दुष्कर्म का प्रयास किया था। अश्लील हरकतें की।
चीख पुकार सुनकर पड़ोसियों को आता देख आरोपी भाग निकला। पनकी थाने में मामले की सूचना दी। आरोप है शिकायत के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। इसके बजाय मेरी मां और बचाने वाले मोहल्ले के पांच लोगों पर ही शांतिभंग की कार्रवाई कर दी।
चौकी में बुलाकर कई घंटे तक बैठाकर समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। अब आरोपी धमका भी रहे हैं। इस पर पुलिस कमिश्नर बीपी जोगदंड ने मामले की जांच एसीपी पनकी को सौंपी है। साथ ही, मामले की जांच करके कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।