नकली सोना देकर आईसीआईसीआई बैंक से दो बार गोल्ड लोन लेने वाले आरोपी और उसके साथी की जमानत अर्जी विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट मो. शफीक ने खारिज कर दी। रेलबाजार के सुजातगंज निवासी मो. सिराजुद्दीन व दिल्ली के शाहीन बाग निवासी रहीसुद्दीन मलिक 22 दिसंबर 2020 को बिरहाना रोड स्थित आईसीआईसीआई बैंक पहुंचे थे।
सिराजुद्दीन ने गोल्ड लोन के लिए आवेदन किया था। बैंक ने 54.94 ग्राम सोने के बदले दो लाख दो हजार रुपये उसके खाते में स्थानांतरित कर दिए। 28 दिसंबर को दोबारा सिराजुद्दीन ने 181.61 ग्राम सोने के जेवरात के बदले 6.12 लाख रुपये लोन ले लिया।
4 जनवरी 2021 को वह फिर बैंक पहुंच गया। इस बीच सिराजुद्दीन द्वारा पहले दिए गए जेवरों की जांच रिपोर्ट भी आ गई थी। इसमें सोना नकली पाया गया था। बैंक के शाखा प्रबंधक ने पुलिस को बुलाकर दोनों को गिरफ्तार कराया था।
एडीजीसी कैलाश शुक्ला ने बताया कि कलक्टरगंज थाने में दोनों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज की गई थी। दोनों शातिर अपराधी हैं, जो पीतल पर सोने की परत चढ़ाकर धोखा देते थे। साथ ही नकली हॉलमार्क भी लगा देते थे। दिल्ली में भी इसी तरह धोखाधड़ी कर गोल्ड लोन लेने के मामले सामने आए हैं। दोनों गिरोह बनाकर बैंकों को धोखा देते थे। कोर्ट ने अपराध को गंभीर मानकर दोनों की जमानत अर्जी खारिज कर दी।