कानपुर देहात। बिकरू कांड में केस डायरी की फोटो कापी का मसला हल नहीं हो पा रहा है। कुछ आरोपियों के अधिवक्ता केस डायरी को सीडी में ले चुके हैं, जबकि कई अन्य आरोपियों के अधिवक्ताओं ने फोटो कापी की मांग की है। साथ ही इसका शुल्क अदा करने का प्रार्थना पत्र दिया है। मामले में अदालत ने अब 15 नवंबर की तिथि तय की है।
बिकरू कांड की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट सुधाकर राय की अदालत में चल रही है। मंगलवार को वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से आरोपियों की पेशी हुई। रामू, शिवम आदि आरोपियों के अधिवक्ता संतोष बाजपेई, पवनेश शुक्ला ने फिर एक प्रार्थना पत्र देकर केस डायरी की सीडी व पेन ड्राइव लेने से इंकार कर दिया। साथ ही कोर्ट से अनुरोध किया कि उन्हें फोटो कापी ही उपलब्ध कराई जाए। फोटो कापी में आने वाले खर्च की रकम 4650 रुपये जमा करने की अनुमति मांगी है। इस प्रार्थना पत्र पर अधिवक्ता संतोष बाजपेई ने बहस की। उन्होंने तर्क रखा कि अन्य आरोपियों के अधिवक्ताओं ने केस डायरी की सीडी लेकर छानबीन की है इसमें कई पर्चे न मिलने से असुविधा हो रही है।
बता दें कि बिकरू कांड की केस डायरी 2240 पेज की है। इस पर कोर्ट इसे सीडी में दे रहा है जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता हार्ड कापी मांग रहे हैं। अधिवक्ताओं ने कोर्ट से अनुरोध किया कि वह सुनवाई आगे बढ़ाना चाहते हैं लेकिन अगर पूरे तथ्य नहीं होंगे तो बचाव पक्ष मजबूती से कैसे रखा जा सकेगा। सहायक शासकीय अधिवक्ता आशीष तिवारी ने बताया कि मामले की सुनवाई के लिए कोर्ट ने 15 नवंबर तिथि तय की है।