जल निगम की लापरवाही से शुक्रवार को शहर के दो घने इलाके जलमग्न हो गए। राइजिंगमेन (मुख्य पाइप लाइन) की टेस्टिंग के दौरान एक तरफ तिलक नगर में लीकेज से लाखों लीटर पानी बर्बाद हो गया।
वहीं रामबाग में टंकी भरने के बाद पानी चलता रहा। इससे गलियों के साथ घरों में पानी घुस गया। घंटों पानी बरबाद होता रहा लेकिन टेस्टिंग के दौरान एहतियात नहीं बरती गई। मोहल्ले के लोगों की शिकायत पर घंटों बाद पानी बंद हो सका। यदि हम पानी की सप्लाई और पाइप की चौड़ाई का अनुपात निकालें तो एक करोड़ लीटर पानी सड़क पर बर्बाद हो गया।
विशेषज्ञ इसे जल निगम के अफसरों की लापरवाही बता रहे हैं। उनका यह भी कहना है कि काम भी घटिया हुआ है। वहीं दो अन्य जगह भी पानी की लाइन फट गई।
जल निगम ने सुबह गंगा बैराज से तिलक नगर होते हुए फूलबाग तक डाली गई मुख्य पाइप लाइन की टेस्टिंग शुरू की। तिलक नगर में आभा नर्सिंग होम के पास दोपहर करीब साढ़े बारह बजे यह पाइप लाइन फट गई और पानी सड़क पर बहने लगा। थोड़ी देर में ही सड़क पर एक - डेढ़ फीट पानी भर गया।
तिलक नगर निवासी वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि शाम चार बजे तक सड़क पर पानी बहता रहा। इससे वहां यातायात भी प्रभावित रहा। उधर, बैराज से साउथ सिटी जा रही मुख्य पाइप लाइन की विजय नगर तक टेस्टिंग हुई।
अफसरों ने इस लाइन में एक भी लीकेज न मिलने का दावा किया। सुबह बेनाझाबर से रामबाग पार्क भूमिगत जलाशय और गीता पार्क ओवरहेड टैंक में पानी भरकर टेस्टिंग की गई। करीब 9:30 बजे रामबाग पार्क का भूमिगत जलाशय ओवरफ्लो हो गया।
इसी पार्क में स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में निर्माण करा रहे मनोज निगम, पुत्तन शुक्ला ने बताया कि अचानक नवनिर्मित भूमिगत जलाशय से तेज रफ्तार से पानी बाहर आने लगा। देखते ही देखते पार्क और टूटी मस्जिद से ब्रह्मनगर तक मोहल्ले की पांचों सड़कें, गलियों में दो-दो फीट पानी भर गया।
घरों में पानी घुसता देख नगर निगम, जलकल अफसरों को सूचना दी गई। दो घंटे बाद बेनाझाबर से सप्लाई बंद कराई गई। इसके बाद चार-पांच घंटे में पानी निकल सका। जल निगम के मुख्य अभियंता एके त्यागी और अधीक्षण अभियंता ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जलापूर्ति बंद कराई।