शहर के विकलांग व्यावसायिक पुनर्वास केंद्र (वीआरसी) को अगले वर्ष तक मॉडल कॅरियर काउंसलिंग सेंटर के रूप में डेवलप किया जाएगा।
पायलट योजना के तहत देशभर के 21 में से छह सेंटरों का चयन हुआ है, जिसमें शहर का गोविंद नगर, एटीआई शामिल है। वर्तमान में वीआरसी में 15 हजार बेरोजगार नि:शक्तजन रजिस्टर्ड हैं।
शुक्रवार को अमर उजाला से खास बातचीत में यह जानकारी वीआरसी के सहायक निदेशक परवेज आलम ने दी। उन्होंने बताया कि मॉडल कॅरियर काउंसलिंग सेंटर में नि:शक्तजनों का डाटा ऑनलाइन रहेगा।
इंप्लायर्स भी रजिस्ट्रेशन कराकर नि:शक्तजनों के डाटा को देख सकेंगे और जरूरत के मुताबिक नि:शक्तजनों का चयन कर सकेंगे। इंप्लायर्स की सूची नि:शक्तजन भी देख सकेंगे।
नि:शक्तजनों को ऑनलाइन जॉब की जानकारी भी हो सकेगी। इसके साथ ही प्रोफेशनल काउंसलर की ओर से नि:शक्तजनों को रोजगारपरक परामर्श दिया जाएगा। यहां पर सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कोर्सेज भी होंगे।
मॉडल कॅरियर काउंसलिंग सेंटर में मिलने वाली सुविधाएं
- नि:शक्तजनों को जॉब की उपलब्धता
- अभ्यर्थियों का डाटा ऑनलाइन रहेगा।
- ऑनलाइन इंटरव्यू की सुविधा भी होगी।
- इंप्लॉयर्स की सूची भी ऑनलाइन रहेगी।
- रोजगारपरक कोर्स माडर्नाइज किए जाएंगे।