रितिक ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों के साथ यूपी-100 को दी। जांच के लिए पहुंचे चमनगंज थाना प्रभारी को मशीन में पासवर्ड फीड करने के लिए बने कीबोर्ड के ठीक ऊपर चिप के साथ कैमरा लगा मिला। इस पर उन्होंने केनरा बैंक की पीओ अंजना सचान, लिपिक प्रवीण मिश्रा, कस्टोडियन राइटर सेव गार्ड कंपनी के लवकुश मिश्रा को बुलाया। इन लोगों ने डिवाइस को कब्जे में लेकर बैंक की साइबर सेल को भेज दिया। एटीएम चालू कर दिया गया है। थाना प्रभारी और बैंक अफसरों का मानना है कि डिवाइस के जरिये तमाम ग्राहकों के एटीएम कार्ड का ब्योरा जुटाया गया है। एटीएम में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के जरिये पुलिस शातिरों की तलाश में जुट गई है।
सितंबर 2017 से अब तक 70 मामले
एटीएम से छेड़छाड़ कर या डिवाइस लगाकर कार्ड क्लोनिंग की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। साइबर अपराधी पिछले साल सितंबर से अब तक 70 लोगों के एटीएम क्लोन कर उनके खातों से रकम पार कर चुके हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि शातिर एटीएम में डिवाइस लगाकर डेबिट कार्ड इस्तेमाल करते समय सारी जानकारियां हासिल कर ग्राहकों के खाते खाली कर देते हैं।
किसी शातिर ने एटीएम में कार्ड क्लोनिंग डिवाइस लगाई थी। ग्राहक की सूचना पर डिवाइस को कब्जे में ले ली गई है। बैंक अफसरों को एटीएम लगाने वाली कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।
- संजीव कुमार, प्रबंधक, केनरा बैंक माल रोड