कोविड अस्पताल की खिड़की तोड़ दो बंदी फरार
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चित्रकूट जिले में सामूहिक दुष्कर्म के आरोप में गिरफ्तार दो कोरोना संक्रमित बंदी गुरुवार की सुबह कोविड अस्पताल के बाथरूम की खिड़की तोड़कर फरार हो गए। मामले की जानकारी होते ही स्वास्थ्य और पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी ने अस्पताल पहुंचकर अफसरों को मामले की जानकारी दी।
एसपी अंकित मित्तल ने बंदियों को पकड़ने के लिए चार टीमें गठित की हैं। देर रात एक बंदी को गिरफ्तार कर लिया गया। सामूहिक दुष्कर्म के आरोपी इटवां निवासी बृजलाल और खंडेहा थाना मऊ निवासी रज्जू यादव को दो सितंबर को जिला जेल में कोविड-19 को लेकर बने अस्थायी कारागार में बंद किया गया था।
जेल अधीक्षक श्रीकांत त्रिपाठी ने बताया कि 7 सितंबर को जांच में दोनों कोरोना संक्रमित पाए गए थे। इस पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दोनों को खोह स्थित कोविड अस्पताल में भर्ती कराया था। बंदियों की निगरानी को सिपाही आशीष कुमार, दीपक कुमार, विजय लाल और होमगार्ड जयनारायण को तैनात किया गया था।
सीएमओ डॉ. विनोद कुमार ने बताया कि बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे दोनों बंदी अस्पताल से फरार हो गए। जानकारी पर एसपी अंकित मित्तल फोर्स संग अस्पताल पहुंचे और जानकारी ली। एसपी ने बताया कि ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मियों की लापरवाही की भी जांच हो रही है।
बताया कि लोगों को आगाह किया गया कि वे बंदियों को शरण न दें। शरण देने वाले भी कोरोना की चपेट में सकते हैं। बताया जाता है कि देर रात को बृजलाल को पुलिस ने उसके गांव के पास से गिरफ्तार कर लिया और दूसरे की तलाश की जा रही है।
मोटापे के कारण नहीं भाग पाया इनामी बदमाश
कोविड अस्पताल से भागे सामूहिक दुष्कर्म के दोनों आरोपियों ने अस्पताल में पहले से ही भर्ती इनामी बदमाश के साथ आठ सितंबर को भागने की योजना बनाई थी। भर्ती कोरोना मरीजों ने बताया कि तीनों एक साथ ही जाली से निकलकर भाग रहे थे, लेकिन बदमाश का शरीर मोटा होने से वह खिड़की से नहीं निकल पाया।
15 फिट ऊंचाई से कूदकर भागे बंदी
कोविड अस्पताल के जिस बाथरूम की खिड़की तोड़कर दोनों भागे हैं, वह 15 फिट ऊंची है। कोतवाल जयशंकर सिंह ने बताया कि पुलिस टीम ने बाथरूम व खिड़की समेत अन्य स्थल का निरीक्षण कर रिपोर्ट बनाई है। सीएमओ ने बताया कि पुलिस की जांच के बाद टूटी खिड़की को बनवा दिया गया है।
बंदियों के भागने की हो चुकी कई घटनाएं
जिले में बंदियों के भागने की कई घटनाएं हो चुकी हैं। बंदियों के भागने की सबसे बड़ी घटना सात साल पहले भरतकूप क्षेत्र में बदौसा मार्ग पर हुई थी। इस दौरान बांदा कारागार से पुलिस वाहन में लाए जा रहे आठ कैदी भाग निकले थे। शहर के बाल सुधार केंद्र से पांच साल पहले तीन अपचारी भाग गए थे। 2019 में कचहरी परिसर से बंदी भाग रहा था, जिसे पुलिस ने पकड़ लिया था। भागे हुए बंदियों में से ज्यादातर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
डीएम ने दिए अस्पताल में सुरक्षा बढ़ाने के निर्देश
डीएम शेषमणि पांडेय की अध्यक्षता में कोविड-19 एल वन, एल टू में कोरोना महामारी के प्रभावी नियंत्रण के संबंध में हुई बैठक में अस्पताल से भागे दो पॉजिटिव बंदियों को लेकर भी चर्चा हुई। डीएम ने प्रभारी चिकित्सा अधिकारी से कहा कि कोविड अस्पताल में सभी व्यवस्थाएं दुरुस्त रहें और सुरक्षा व्यवस्था भी बढ़ाई जाए। उन्होंने अस्पताल का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी दिए। बैठक में सीडीओ अमित आसेरी, सीओ सिटी रजनीश यादव, एसडीएम कर्वी राम प्रकाश और सीएमओ डॉ. विनोद कुमार मौजूद थे।