छावनी बोर्ड प्रशासन इस समय बजट के संकट से जूझ रहा है। जिसकी वजह से इस बार बोर्ड मीटिंग की तारीख भी तय नहीं हो पा रही है। बजट की राशि (एक अरब) पूरी नहीं होने से कई तरह के विकास कार्य प्रभावित हो सकते हैं। सोमवार को बजट की राशि जुटाने के लिए छावनी बोर्ड प्रशासन उन संस्थानों से बातचीत करेगा, जहां से उसे राजस्व मिलता है।
छावनी बोर्ड प्रशासन के अधिकार क्षेत्र में आने वाली 200 एकड़ से अधिक की जमीन पर बनी आर्डिनेंस फैक्ट्री से हर साल बोर्ड को 22 करोड़ से अधिक की राशि मिलती है। फैक्ट्री प्रबंधन इस राशि को हर साल के दिसंबर महीने में जमा करता है। यह पहली बार है जब एक पाई भी अभी तक जमा नहीं की गई है।
बीच में छावनी बोर्ड प्रशासन ने आर्डिनेंस फैक्ट्री अधिकारियों से इस संबंध में वार्ता की थी, तब वे लोग 10 करोड़ की राशि देने को राजी हुए थे। लेकिन बोर्ड प्रशासन ने अधूरी राशि लेने से इंकार कर दिया। अब एक बार फिर से पूरी राशि जमा कराने के लिए बोर्ड प्रशासन और आर्डिनेंस फैक्ट्री प्रबंधन से वार्ता होने वाली है।
यदि यह बातचीत सफल नहीं होती है, तो छावनी क्षेत्र में विकास के कई कार्य इस बार रुक जाएंगे। जिसमें सीवर लाइन बिछाने का काम, सड़कों की इंटरलाकिंग, पेयजल के लिए हैंडपंप लगाने का काम शामिल है।
छावनी बोर्ड सीईओ अमित कुमार ने बताया कि 30 मार्च को आर्डिनेंस फैक्ट्री के अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। बजट हासिल होने के बाद ही बोर्ड मीटिंग तय की जाएगी। उनका कहना है कि बजट की कमी से दिक्कत आ सकती है।