कालेधन की घोषणा का मौका और नोटबंदी के बाद हो रहे विधानसभा चुनाव पर आयकर अधिकारियों की गहरी निगाह रहेगी। प्रत्याशियों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए अलग से टीम बनाई जाएगी। यह टीम न सिर्फ प्रत्याशियों के खातों की बारीकी से जांच करेगी, बल्कि उनके चुनाव में विभिन्न मदों में होने वाले खर्च पर भी निगरानी रखेगी। आयकर विभाग में भविष्य की इस रणनीति पर काम चल रहा है।
आयकर विभाग के सूत्र बताते हैं कि चुनाव में धन के इस्तेमाल की जानकारी के लिए खुफिया विंग अभी से अलर्ट हो गई है। भले ही अभी प्रत्याशी घोषित न हुए हों लेकिन खुफिया विंग अपनी तैयारी कर रही है। बैंकों को निर्देशित किया गया है कि प्रत्याशियों के खातों की रीयल टाइम जानकारी मिले। किसे, कब, कितना कैश ट्रांसफर किया गया यह पता रहे।
एक आयकर अधिकारी बताते हैं कि प्रत्याशियों के एफिडेविट में आश्रितों की आय के स्रोत की सूचना पहली बार मांगी गई है। निर्वाचन कार्यालय से एफिडेविट की प्रति लेकर उसमें दी गई सूचना का सत्यापन किया जाएगा। यदि सूचना सही है तो ठीक, और यदि गलत सूचना दी गई है तो उसे नोटिस भेजकर पूछताछ की जाएगी। गलत सूचना या कालाधन का अंदेशा होने पर चुनाव आयोग को सूचित किया जाएगा। इसके अलावा आयकर विभाग नियमानुसार कार्रवाई भी करेगा।