पुलिस आरक्षी भर्ती में धांधली को लेकर गुरुवार को गुजैनी झांसी रेलवे लाइन पर सैकड़ों अभ्यर्थियों ने हंगामा करते हुए माल गाड़ी रोक दी। छात्रों ने पुलिस भर्ती में हो रही अनियमितता की सीबीआई जांच कराने की आवाज उठाते हुए प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए।
रेलवे ट्रैक पर हंगामे की सूचना मिलते ही गोविंद नगर फोर्स सहित जीआपी मौके पर पहुंची। घंटो मशक्कत के बाद पुलिस ने छात्रों को शांत कराया तो मालगाड़ी आगे बढ़ी। हंगामे के चलते झांसी रूट की सभी ट्रेनें कई घंटे देरी से चलीं। उत्तर प्रदेश पुलिस में आरक्षी पद के लिए 41610 पद के लिए भर्ती निकाली गई थी।
जिसकी लिखित परीक्षा के बाद बीते 17 मार्च 2015 को परिणाम घोषित किया गया। छात्रों का आरोप है कि भर्ती परिणाम में धांधली हुई है, कटऑफ लिस्ट में हेरफेर कर बदल दिया गया। इससे हजारों अभ्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है।
इससे आक्रोशित अभ्यार्थियों ने भर्ती प्रक्रिया की सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए गुरुवार शाम को गुजैनी पुल के नीचे गुजरी झांसी रेलवे लाइन पर मालगाड़ी रोक दी। मालगाड़ी के इंजन पर बैठकर अभ्यार्थियों ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर मुर्दाबाद के नारे लगाए।
अभ्यार्थियों का कहना है कि आज से पुलिस भर्ती के लिए मेडिकल शुरू हो रहा है। मामले की जांच नहीं की गई तो हजारों अभ्यार्थियों की मेहनत पर पानी फिर जाएगा। इसके साथ ही यह भी आरोप लगाया कि भर्ती में इटावा, कन्नौज, मैनपुरी सहित मुख्यमंत्री के पैतृक निवास जनपद के अधिकतर अभ्यार्थियों का चयन किया गया है।
सूचना पर पहुंची जीआरपी और गोविंद नगर पुलिस ने सैकड़ों अभ्यार्थियों को रेलवे ट्रैक और पांडु नदी के बीच प्रदर्शन करता देखा तो पसीने छूट गए। इस दौरान लगभग दो घंटे तक झांसी रेलवे लाइन रूट बाधित रहा।
इसमें अभ्यार्थी राजेश मिश्रा, अजीत दुबे, अगनेन्द्र सिंह, हरिशंकर वर्मा, उदय नरेश राजपूत, संध्या यादव, श्याम सिंह यादव, अंकित कुमार, अजय प्रजापति, अजीत सिंह, देतेन्द्र दीक्षित, स्वाती सिंह सहित अन्य अभ्यार्थी रहे। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने हालात पर काबू पाया। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि हमारी मांगे नहीं मानी गई तो इसी तरह प्रदर्शन होते रहेंगे।