भीतरगांव क्षेत्र के साढ़ क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर नहर कट जाने से खेतों में खड़ी सैकड़ों बीघे फसल जलमग्न हो गई। नहर का पानी खेतों के साथ-साथ बस्ती के भीतर जा पहुंचा जिसके चलते लोगों को समस्याओं का सामना करना पड़ा। डेढ़ महीने के भीतर पांचवीं बार नहर कटने की घटना हुई है।
नहर विभाग के अधिकारियों का कहना है कि पलेवा के लिए किसान नहर पटरी काट देते हैं। विभाग के अवर अभियंता ने कहा है कि नहर काटने वालों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। देर शाम तक नहर को ठीक करने का काम चलता रहा।
साढ़ क्षेत्र के गांव असवानगर और विजानखेड़ा गांवों के पास गत शुक्रवार की दोपहर रामगंगा नहर की पटरी कट गई। तेज बहाव के चलते शाम तक तकरीबन दस मीटर नहर पटरी कट जाने से पानी का बहाव असवानगर गांव की ओर हो गया।
नहर कटने से सवानगर, रातेपुर और चंदापुर गांवों में सैकड़ों बीघे खेत जलमग्न हो जाने से धान और ज्वार-बाजरा की फसल खराब हो जाने की आशंका है। दूसरी ओर नहर विभाग के अवर अभियंता ओमप्रकाश ने बताया कि खेतों की पलेवा करन के लिए स्थानीय गांवों के किसानों ने ही नहर पटरी काटी है।
बताया कि कुछ लोगों को चिन्हित कर लिया गया है। उनके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराएंगे। जेई ने बताया कि बीते एक-डेढ़ माह के भीतर इस इलाके में नहर पटरी काटे जाने की यह पांचवीं घटना है।