कानपुर। वाजिदपुर स्थित जाजमऊ सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) का शोधित पानी शेखपुर, जाना, किशनपुर सहित आसपास के अन्य गांवों में खेतों तक पहुंचाने वाली क्षतिग्रस्त नहर आठ महीने में गुरुवार को तीसरी बार टूटी है। इससे जाजमऊ नई चुंगी से एयरपोर्ट को जा रही सड़क पर भीषण जलभराव हो गया। गंदा पानी एयरपोर्ट की बाउंड्रीवाल तक जा पहुंचा। आसपास के खेतों में पानी भर गया। पानी का बहाव इतना तेज था कि कई राहगीर गिर भी पड़े। वाहनों का आवागमन ठप हो गया।
जाजमऊ स्थित 130 एमएलडी व 43 एमएलडी एसटीपी के ट्रीट पानी को निस्तारित किए जाने वाली सिंचाई नहर (इरिगेशन चैनल) बृहस्पतिवार को शेखपुर चौराहे के पास क्षतिग्रस्त हो गई। इससे सड़क व आसपास के आवासीय क्षेत्रों में जलभराव हो गया। मुख्य मार्ग पर यातायात भी बाधित हो गया। नगर निगम के अधिशासी अभियंता दिवाकर भास्कर ने जल निगम को क्षतिग्रस्त नहर की तत्काल मरम्मत कराने की जानकारी दी। एसटीपी से नहर में छोड़े जाने वाला पानी बंद करा दिया गया।
जलनिगम के परियोजना प्रबंधक मोहित चक ने बताया कि दोपहर एक बजे से जाजमऊ स्थित 130 एमएलडी व 43 एमएलडी एसटीपी के ट्रीटेड एफ्लुएंट पंप हाउस का संचालन अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। इस अवधि के दौरान दोनों एसटीपी से मानकों के अनुरूप ट्रीटेड पानी एयरफोर्स नाले के माध्यम से गंगा नदी में भेजा जाएगा। किसी भी प्रकार का गंदा पानी या सीवेज गंगा नदी में नहीं छोड़ा जाएगा। नहर टूटने पर उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने नगर निगम को नोटिस दिया है। बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने बताया कि नहर पुन: न टूटे, इसके लिए इंतजाम करने के लिए कहा गया है।
नगर निगम क्षतिग्रस्त सिंचाई नहर की मरम्मत का कार्य शुक्रवार से शुरू कराएगा। अब मरम्मत पूरा होने के बाद ही ट्रीटेड एफ्लुएंट पंप हाउस का संचालन शुरू किया जाएगा।
-मोहित चक, परियोजना प्रबंधक, जलनिगम