कानपुर स्थित हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। वर्ष 2014 में यहां में दस लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को निर्धारित नियम से अधिक वेतनमान दे दिया गया था। ऑडिट में आपत्ति आने के बाद अब विश्वविद्यालय प्रशासन ने शासन से इस बाबत सुझाव मांगा है।
विश्वविद्यालय में दस कर्मचारियों का वेतनमान वर्ष 2014 में 2400 से बढ़ाकर 2800 होना था लेकिन इसे तत्कालीन विश्वविद्यालय प्रशासन के अफसरों ने 4200 कर दिया था। जब इसका ऑडिट हुआ तो महालेखाकार कार्यालय ने इस पर आपत्ति दर्ज करा दी। बढ़े हुए वेतनमान का शासनादेश मांगा तो विश्वविद्यालय प्रशासन जवाब नहीं दे पाया।