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सपा नेता ने बुजुर्ग दंपति को पीटा, सिर पर लगे 14 टांके टूटी नाक की हड्डी, पुलिस बोली गंभीर चोट नहीं

Wed, 31 Jul 2019 12:59 AM IST
प्रभापुंज मिश्रा यूपी डेस्क, अमर उजाला, कानपुर
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यूपी पुलिस (प्रतीकात्मक तस्वीर)
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कानपुर के गोलाघाट नई बस्ती कैंट में बुजुर्ग दंपति को बेरहमी से पीटने के मामले में सपा नेता को बचाने के लिए पुलिस ने खेल कर दिया। वृद्धा के सिर पर 14 टांके लगे हैं। नाक की हड्डी टूटी है। वहीं वृद्ध के माथे पर चार, होंठ पर दो और पैर में आठ टांके लगे हैं। इसके बाद भी पुलिस ने सिर्फ एनसीआर दर्ज की।
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पीड़ित दंपति थाने और सीओ के पास चक्कर लगा रहे लेकिन सुनवाई नहीं हो रही। इतना सब कुछ होने के बाद भी थानेदार कर रहे कि ज्यादा गंभीर चोट नहीं आई है। सपा नेता जगदीश यादव उर्फ राहुल यादव के घर में लगी एसी का पानी उनके पड़ोसी सुशील कुमार शर्मा (65) के घर केदरवाजे पर गिरता है। सुशील के मुताबिक वे काफी दिनों से राहुल से शिकायत कर रहे थे।

20 जुलाई की रात भी उन्होंने शिकायत की। इस पर विवाद हो गया और राहुल ने अपने भाई व पिता आदि के साथ मिलकर सुशील व उनकी पत्नी कमलेश कुमारी (61) को पीट-पीटकर लहूलुहान कर दिया। घटना के बाद सुशील के बेटे नवीन कुमार शर्मा ने कैंट थाने में तहरीर दी। थानेदार ने एनसीआर लिखकर मामला शांत करा दिया। इंस्पेक्टर ललितमणि त्रिपाठी का कहना है कि ऐसी चोटें नहीं हैं कि गंभीर धाराएं लगाकर रिपोर्ट दर्ज की जाए। 
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दो दिन पहले हुई वृद्धा की छुट्टी
सुशील पेशे से कारपेंटर हैं और कमलेश सिलाई का काम करती हैं। सुशील के माथे पर चार, दो होंठ और पैर में आठ टांके लगे। वहीं कमलेश के सिर में 14 टांके लगे हैं। उनकी नाक की हड्डी भी टूटी है। दो दिन पहले ही उनको अस्पताल से छुट्टी मिली। पीड़ित ने बताया कि पुलिस लगातार कार्रवाई करने की बात कहकर थाने से लौटा देती है।

एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया मामले में इंस्पेक्टर से रिपोर्ट मांगी गई है। मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर एनसीआर को एफआईआर में तरमीम कर संगीन धाराओं में कार्रवाई की जाएगी।

वकील की राय
एडवोकेट अमित सिंह राठौर ने बताया कि अगर गंभीर चोटें आई हैं तो ऐसे मामलों में गंभीर धाराओं में रिपोर्ट भी दर्ज होनी चाहिए। एनसीआर दर्ज कर पुलिस खानापूर्ति कर रही है। इससे उसकी कार्यप्रणाली पर संदेह होता है। ऐसी घटना में तो जानलेवा हमला (307), जानबूझकर गंभीर चोटें पहुंचाना (324), किसी घातक हथियार से मारना (326) आदि में मामला दर्ज होना चाहिए। 
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