देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में अब उन्हीं कोर्स को चलाने की अनुमति मिलेगी जिनकी डिमांड इंडस्ट्री में होगी और जिन कोर्स को करने के बाद छात्रों को बेरोजगार नहीं घूमना पड़ेगा। ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) ने यह फैसला लिया है।
काउंसिल ने यह भी तय किया है कि अगले सत्र यानी 2020-21 से देशभर के इंजीनियरिंग कॉलेजों में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई), मशीन लर्निंग, ब्लॉक चेन, साइबर सिक्योरिटी, रोबोटिक, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (आईओटी), क्वांटम कंप्यूटिंग, डेटा साइंस, थ्रीडी प्रिंटिंग और डिजाइन जैसे कोर्स को ही चलाने की अनुमति दी जाएगी।
काउंसिल के क्षेत्रीय अधिकारी मनोज तिवारी ने बताया कि अगले सत्र से नए कॉलेजों को भी मान्यता नहीं प्रदान की जाएगी। इससे इंजीनियरिंग की शिक्षा में सुधार आएगा और छात्रों की स्थिति भी बेहतर होगी।