कैंपस प्लेसमेंट में आईआईटियंस को करोड़ों का सैलरी पैकेज मिलने की वजह यहां की शानदार एजूकेशन क्वालिटी तो है ही साथ ही इस बार इस पर ‘मोदी इफेक्ट’ भी नजर आ रहा है।
आईआईटी विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को लेकर बदले दुनिया के नजरिए और निवेश की बेहतर संभावना को देखते हुए ही विदेशी कंपनियां आईआईटियंस पर छप्पर फाड़ के धन बरसा रही हैं।
पांच दिनों (1-5 दिसंबर) में ही 50 फीसदी से ज्यादा कैंपस सेलेक्शन हो गया है। कई स्टूडेंट्स को न्यूनतम 45 लाख और अधिकतम 1.20 करोड़ रुपये का सैलरी पैकेज मिला है।
एक खास बात यह भी है कि जिन कंपनियों ने सेलेक्शन किया है, उनसे से अधिकतर अब भारत में ही आफिस खोलकर अपना कारोबार बढ़ाना चाहती हैं।
कैंपस सेलेक्शन के लिए आईआईटी के 1290 स्टूडेंट्स ने रजिस्ट्रेशन कराया है। पांच दिनों के प्लेसमेंट में ही 692 स्टूडेंट्स का सेलेक्शन हो गया है, जो कि रिकॉर्ड है।
50 लाख या उससे ज्यादा सैलरी पैकेज पाने वाले स्टूडेेंट्स की संख्या बढ़ी है। इस बार की प्लेसमेंट प्रक्रिया में विदेशी कंपनियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
ओरेकल, गूगल, टॉवर रिसर्च, माइक्रोसॉफ्ट, सैमसंग कोरिया, सैमसंग इंडिया, लिंकडिन, स्लमबर्जर, लॉयल्टी रिवार्ड्स, एक्सल सर्विसेज और फ्लिपकार्ट सरीखी कंपनियों ने अच्छा सेलेक्शन किया है।
एक्सपर्ट इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारत की सुधरी छवि का नतीजा बता मान रहे हैं। यह भी कह रहे हैं कि कानपुर और वाराणसी सहित देश की आठ पुरानी आईआईटी के कैंपस सेलेक्शन और सैलरी पैकेज पर मोदी इफेक्ट पड़ा है।
जो विदेशी कंपनियां कैंपस सेलेक्शन कर रही हैं, उनका पहला उद्देश्य भारत में निवेश करना है।
अमेरिका की साफ्टवेयर कंपनी टॉवर रिसर्च ने बंगलुरु में अपना आफिस खोल दिया है। आईआईटी प्रशासन भी इस बात को स्वीकार कर रहा है कि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर सुधरे हालत से कैंपस सेलेक्शन और सैलरी पैकेज बढ़ा है।
प्लेसमेंट अधिकारी प्रो. दीपू फिलिप ने बताया कि फर्स्ट फेज की प्लेसमेंट प्रक्रिया 24 दिसंबर तक चलेगी। इस फेज में 80 फीसदी स्टूडेंट्स के कैंपस सेलेक्शन की उम्मीद है।
सेकेंड फेज की प्लेसमेंट प्रक्रिया 4 जनवरी से शुरू होगी, जो कि मार्च 2015 अंत तक चलती रहेगी। इस फेज में 20 फीसदी स्टूडेंट्स प्लेस्ड हो जाएंगे।
यह पहला मौका है, जब कैंपस सेलेक्शन के साथ ही सैलरी पैकेज में जबरदस्त इजाफा हुआ है। अच्छे ऑफर का नतीजा है कि चार स्टूडेंट्स ने एक करोड़ रुपये से ज्यादा के सैलरी पैकेज की जॉब ठुकरा दी है।
पिछले साल आईआईटी कानपुर में 180 कंपनियां सेलेक्शन करने आईं और 800 से ज्यादा स्टूडेंट्स को सेलेक्ट किया था। 200 से ज्यादा स्टूडेंट्स का सेलेक्शन नहीं हुआ था।
पिछले कुछ दिनों में भारत को लेकर दुनिया का नजरिया बदला है। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर निवेश की राह खुलने से विदेशी कंपनियां उत्साहित हैं। वह निवेश करने के उद्देश्य से ही अच्छा हैंड ले रही हैं।
इसके लिए अच्छा सैलरी पैकेज भी दे रही हैं। आईआईटी कानपुर के साथ ही बीएचयू, मुंबई, दिल्ली, खड़गपुर, रुड़की, गुवाहाटी और चेन्नई से भी अच्छे प्लेसमेंट की सूचना है।
इस बार के प्लेसमेंट में अमेरिका, जापान और कोरिया सहित तमाम देशों की कंपनियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
प्रो. मणींद्र अग्रवाल, डीन ऑफ फैकल्टी, आईआईटी कानपुर
भारत में निवेश और बिजनेस विस्तार की संभावनाएं बढ़ी हैं। अमेरिकी कंपनी टॉवर रिसर्च ने बंगलुरु में अपना दफ्तर खोला और विस्तार के लिहाज से ही आईआईटी के 38 स्टूडेंट्स को सेलेक्ट किया है।
इन सभी को सालाना 55-55 लाख रुपये का वेतन पैकेज भी दिया है। प्लेसमेंट में तमाम विदेशी कंपनियां हिस्सा ले रही हैं, जिन्हें कि भारत में बेहतर संभावना दिख रही है।
जिन कंपनियों ने सेलेक्शन किया है, वह भारत में ही कारोबार की इच्छुक हैं।
प्रो.विमल कुमार, प्लेसमेंट कोआर्डिनेटर आईआईटी कानपुर