महापौर ने 26 मई को पी रोड में गोपाल टॉकीज के पास स्थित प्राचीन राधा - कृष्ण मंदिर को तोड़कर और मूर्तियां हटाकर अवैध रूप से कराया जा रहा निर्माण रुकवाया था। 27 को कमिश्नर से कहकर वहां फोर्स तैनात कराया था। शनिवार को एसीपी अनवरगंज और छह थानों की फोर्स के साथ बेकनगंज, बजरिया और चमनगंज के साथ पैदल भ्रमण करते हुए सात प्राचीन मंदिरों की हालत देखी।
सभी मंदिर जीर्णशीर्ण हालत में मिले। सभी मंदिरों से मूर्तियां गायब हैं। कई के हाल बहुत खराब हैं। कई स्थानों पर मंदिर की जगह पर कूड़े के अंबार मिले, जिसे देख महापौर आग बबूला हो गईं। अधिकतर मंदिरों पर कब्जा हो चुका है। उनमें बिरयानी सहित अन्य तरह की दुकानें चल रही हैं।
बेकनगंज के एक प्राचीन मंदिर में अंदर जाने के लिए महापौर को ताला तुड़वाना पड़ा। एसीपी के साथ दौरे के दौरान महापौर बाबा बिरयानी और चांद बिरयानी की दुकान पर भी पहुंचीं। यहां पर महापौर ने कहा कि वहां पहले प्राचीन मंदिर था, जिस पर कब्जा करके बिरयानी की दुकान चलाई जा रही है। इसको किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मंदिरों के संबंध में महापौर ने सोमवार को जोनल प्रभारियों और सभी जोनल अभियंताओं की बैठक बुलाई है।
सभी को थमाएंगे नोटिस
महापौर ने बताया कि मुस्लिम बहुल्य इलाकों में 124 मंदिर ऐसे हैं, जिन पर कब्जे हो चुके हैं। इन सभी से नोटिस भेजकर सात दिन में जवाब मांगा जाएगा। मंदिरों में पुन: मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा कराई जाएगी। आसपास दीवार और बोर्ड लगवाए जाएंगे। इस मामले में समाज के सभी वर्गों का सहयोग लिया जाएगा।