कानपुर: कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी ने कहा कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को बढ़ावा देने के लिए उप्र राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) पर निर्भर नहीं रहेंगे। एमएसएमई विभाग अपने बलबूते प्रदेश में औद्योगिक क्षेत्र व पार्क विकसित करेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार ने विभाग को 250 करोड़ रुपये दे दिए हैं। जितने धन की जरूरत और होगी, वह भी मिलेगा। कैबिनेट मंत्री सोमवार को बेनाझाबर स्थित होटल रेजेन्टा में कंफेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्रीज (सीआईआई) और उद्योग विभाग के सौजन्य से आयोजित एमएसएमई समिट-2018 को संबोधित कर रहे थे।
एमएसएमई विभाग के मंत्री पचौरी ने कहा कि आज प्रदेश में उद्योगों के लिए माहौल बना है। बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने, प्रक्रिया का सरलीकरण कर प्रदेश में एक जिला-एक उत्पाद योजना से परंपरागत उद्योगों को विकसित किया जा रहा है। साथ ही एमएसएमई सेक्टर के जरिए छोटे उद्योगों को संरक्षण दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि चीन, जापान और कोरिया जैसे देश एमएसएमई के जरिए ही विकसित हुए हैं। अमेरिका ने शुल्क में भारत को छूट दी है, इसका लाभ भी निर्यातक उद्यमी उच्च गुणवत्ता का सामान बनाकर उठा सकते हैं। सरकारी खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जा रही है। कानपुर के व्यवसायी भी इस पोर्टल का लाभ ले सकते हैं।
इस मौके पर उद्यमियों ने बैंकों से लोन न मिलने और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से अनावश्यक परेशान करने की समस्याएं उठाईं। अधिकारियों ने इन समस्याओं को दूर कराने का आश्वासन दिया। सीआईआई चेयरमैन व एमकेयू के निदेशक मनोज गुप्ता, टेस्टी डेयरी के एमडी अतुल मिश्र, आईआईए के अध्यक्ष सुनील वैश्य, एमएसएमई सेक्टर भारत सरकार के उपनिदेशक अजय बाजपेयी सहित कई उद्यमी मौजूद रहे।