इसी अवधि के दौरान उन्हें सेशन कोर्ट में अपील दाखिल करनी है। दो दिन अदालतों में 12 से 15 अगस्त तक अवकाश है। अपील की तैयारी करने में भी समय लगेगा। इससे संभावना यही है कि अब 15 अगस्त के बाद ही सेशन कोर्ट में अपील दाखिल हो सकेगी। कैबिनेट मंत्री को सुनाई गई सजा के बाद आदेश की सत्यप्रति न्यायिक हिरासत के दौरान ही उन्हें दे दी गई थी।
इसलिए अब सत्यप्रति का इंतजार नहीं होगा। सिर्फ अपील के बिंदुओं पर विचार के बाद अपील दाखिल कर दी जाएगी। पूरी अपील में ऐसे बिंदुओं को उठाया जाता है कि अपीलार्थी को अदालत द्वारा सजा सुनाए जाते समय उसकी पूरी बात को सुना नहीं गया। अदालत में जो सबूत पेश किए गए, उनका सही तरीके से आंकलन नहीं किया गया। फैसला जल्दबाजी में सुनाया गया आदि।
सफाई साक्ष्य को लेकर फंसा है पेंच
शनिवार को राकेश सचान को दोषी करार दिए जाने वाले दिन से लेकर सोमवार को सजा सुनाए जाने तक एक मुद्दा उठता रहा। अधिवक्ताओं द्वारा बार-बार सफाई साक्ष्य देने के लिए कोर्ट से समय की मांग की जाती रही। हालांकि सफाई साक्ष्य को लेकर एक बड़ा कानूनी पेंच फंसा है।
अभियुक्त के बयान के दौरान ही उससे सफाई साक्ष्य देने के संबंध में पूछा जाता है। इस मुकदमे में भी ऐसा ही हुआ और उस समय राकेश सचान की ओर से कोई भी सफाई साक्ष्य न देने की बात कही गई। इसे फाइल में दर्ज भी किया गया है। न्यायाधीश ने सजा के आदेश में पेज नं. 3 और 11 में इस बात का साफ तौर पर जिक्र किया है कि अभियुक्त द्वारा सफाई साक्ष्य देने से इंकार किया गया। ऐसे में दोषी करार दिए जाने के बाद अभियुक्त को सफाई साक्ष्य का मौका कानूनी तौर पर नहीं मिलता है।