नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के विरोध पर चमनगंज और बाबूपुरवा में करीब एक महीने से चल रहे धरना-प्रदर्शन पर बृहस्पतिवार को पुलिस ने शिकंजा कसा। प्रदर्शन की आड़ में हिंसा की जमीन तैयार होने की आशंका में पुलिस ने शिकंजा कसना शुरु कर दिया है।
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प्रदर्शन में संदीप पांडेय ने किया संबोधित
- फोटो : अमर उजाला
दर्शन की आड़ में हिंसा की जमीन तैयार होने की आशंका में पुलिस कांग्रेस, आप और इंडियन नेशनल लीग के छह नेताओं सहित 80 लोगों को कानून के खिलाफ भीड़ जुटाकर आपराधिक साजिश के आरोप में सीआरपीसी की धारा 149 की नोटिस दी है।
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कई हफ्तो से जारी है धरना
- फोटो : अमर उजाला
इनमें राजनीतिक दलों की तीन महिलाएं भी शामिल हैं। प्रदर्शन मेें शामिल महिलाओं सहित 200 लोगों को 107/16 में कानून व्यवस्था बिगाड़ने की आशंका में पाबंद किया गया है। चमनगंज के मोहम्मद अली पार्क और बाबूपुरवा के फूल पार्क में महिलाओं का धरना-प्रदर्शन चल रहा है।
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सीएए के विरोध में कई दिनों से जारी धरना
- फोटो : अमर उजाला
धीरे-धीरे इसमें राजनीतिक चेहरे शामिल होने लगे। एसपी पूर्वी राजकुमार अग्रवाल ने बताया कि यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव इनामुल नश्तर, इंडियन नेशनल लीग के सुलेमान, आम आदमी पार्टी के हाजी मुजीब, हाजी वसीक घोसी, कुलदीप सक्सेना और नफीस अख्तर के साथ राजनीतिक पार्टियों की दो महिलाएं प्रदर्शन की आड़ में हिंसा के प्रयास में जुटे हैं।
बार-बार समझाने और ज्ञापन लेकर इनकी बात सरकार तक पहुंचाने के बाद भी ये लोग प्रदर्शन समाप्त नहीं कर रहे हैं। इसलिए नोटिस देकर गिरफ्तारी की चेतावनी दी गई है। प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ तो पुलिस सभी को गिरफ्तार करेगी। पाबंद होने पर अब मजिस्ट्रेट के सामने पेश भी होना पड़ेगा। पता चला है कि 2001 में कानपुर में हुए दंगे को सुलेमान ने ही हवा दी थी। सुलेमान को जेल भेजकर राष्ट्रद्रोह की कार्रवाई की गई थी।